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BCCI के किस फैसले पर भड़क गईं सैफ अली खान की मां शर्मिला टैगोर? जानिए क्या है पूरा मामला!

बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस और सैफ अली खान की मां शर्मिला टैगौर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक फैसले से काफी नाराज हो गई हैं। शर्मिला एक फैसले पर भड़क गईं। आखिर क्या है पूरा मामला, चलिए आपको बताते हैं।

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Sharmila Tagore Hurt By BCCI's Reported Decision

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने बीसीसीआई (BCCI) द्वारा पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करने के कथित फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। ये ट्रॉफी भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के विजेता को दी जाती है। इस खबर के बाद शर्मिला टैगोर ने अपनी चिंता जाहिर की, खासकर तब जब उनके बेटे सैफ अली खान को इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से इस मामले में एक ऑफिशियल लेटर मिला।

पटौदी ट्रॉफी को लेकर शर्मिला टैगोर का रिएक्शन

अब तक इस फैसले पर बीसीसीआई और ईसीबी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन शर्मिला टैगोर इस खबर से खासा दुखी हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे सैफ अली खान को ईसीबी से एक पत्र मिला है, जिसमें ट्रॉफी को रिटायर किए जाने की बात कही गई है। इस पर रिएक्शन देते हुए शर्मिला टैगोर ने कहा, ‘मुझे इस बारे में बीसीसीआई से कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन ईसीबी ने सैफ को एक लेटर भेजा है। अगर बीसीसीआई पटौदी ट्रॉफी की विरासत को संजोना नहीं चाहता, तो ये उनका फैसला है।’

पटौदी ट्रॉफी का इतिहास 

पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत 2007 में हुई थी, जो भारत और इंग्लैंड के बीच 1932 में खेले गए पहले टेस्ट मैच की याद में दी जाती है। ये ट्रॉफी भारत के महान क्रिकेटर और पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की विरासत को सम्मानित करने के लिए बनाई गई थी। क्रिकेट जगत में ‘टाइगर पटौदी’ के नाम से जाने जाने वाले मंसूर अली खान ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

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बीसीसीआई ने अब तक नहीं दिया कोई बयान

जब इस मामले पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ईसीबी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘इस मामले पर हमारे पास अभी कोई टिप्पणी नहीं है।’ वहीं, बीसीसीआई ने भी इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

पटौदी परिवार को लगा एक और झटका

ये पहली बार नहीं है जब पटौदी परिवार को इस साल किसी बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2025 की शुरुआत में, सैफ अली खान अपने बांद्रा स्थित घर में एक हमले के शिकार हुए थे, जिसमें एक घुसपैठिए ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था। इस घटना के बाद अब पटौदी ट्रॉफी के रिटायर किए जाने की खबर ने परिवार को एक और झटका दिया है।

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शर्मिला टैगोर-मंसूर अली खान पटौदी का सफर

शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी की शादी 27 दिसंबर 1968 को हुई थी। उनका ये रिश्ता 2011 में मंसूर अली खान पटौदी के निधन तक बना रहा। उनके तीन बच्चे हैं—सैफ अली खान, सबा पटौदी और सोहा अली खान। सैफ और सोहा जहां बॉलीवुड में सफल अभिनेता-अभिनेत्री हैं, वहीं सबा पटौदी ज्वेलरी डिजाइनर के रूप में कार्यरत हैं।

पटौदी ट्रॉफी की विरासत बच पाएगी?

पटौदी ट्रॉफी सिर्फ एक खेल ट्रॉफी नहीं है, बल्कि ये भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक अहम हिस्सा है। मंसूर अली खान पटौदी का योगदान भारतीय क्रिकेट में अमूल्य रहा है और इस ट्रॉफी के जरिए उनकी विरासत को संजोया जाता रहा है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या इस ऐतिहासिक ट्रॉफी को बचाने के लिए कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं।

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लेखक के बारे में

Himanshu Soni

हिमांशु सोनी न्यूज 24 में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के तौर पर टीवी, फिल्म जगत और ओटीटी की कोई खबर हिमांशु की पैनी नजरों से बच नहीं पाती। हिमांशु की एंटरटेनमेंट के अलावा स्पोर्ट्स की खबरों पर भी अच्छी पकड़ है। हिमांशु पिछले 5 साल से मीडिया में हैं। इस दौरान हिमांशु ने नेटवर्क 18 ग्रुप, इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल (ITGD), टीवी 9 ग्रुप जैसे बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। हिमांशु ने डिजीटल पर एंकर और कंटेंट राइटर की भूमिका निभाई है। हिमांशु हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके हिमांशु हिन्दी पत्रकारिता में मास्टर्स और पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान यूनिवर्सिटी के सिल्वर मेडलिस्ट हैं।
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