TrendingNew YearPollutionYear Ender 2025

---विज्ञापन---

Ram Gopal Varma को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, फिल्म Vyooham पर लगाई रोक

Vyooham Banned High Court: जस्टिस सुरेपल्ली नंदा की अदालत ने राम गोपाल वर्मा के निर्देशन और रामधुथा क्रिएशन के बैनर तले बनी फिल्म व्यूहम के सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेट को भी रद्द कर दिया है।

image credit: social media
Vyooham Banned High Court: राम गोपाल वर्मा अपनी फिल्मों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। अब राम गोपाल वर्मा अपनी आने वाली फिल्म व्यूहम को लेकर सुर्खियों में हैं। व्यूहम की रिलीज पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें कि इस फिल्म को वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बायोपिक बताया जा रहा है। पहले तो इस फिल्म को 29 दिसंबर को रिलीज होना था, लेकिन अब इस फिल्म की रिलीज पर रोक लग गई है। जस्टिस सुरेपल्ली नंदा की अदालत ने राम गोपाल वर्मा के निर्देशन और रामधुथा क्रिएशन के बैनर तले बनी इस फिल्म के सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेट को भी रद्द कर दिया है। नारा लोकेश ने डाली याचिका जानकारी के अनुसार कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे के लिए टाल दी है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी। इस फिल्म के मेकर्स ने पहले कहा था कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास कर दिया है, इसलिए अब इसकी सुनवाई पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। इसको लेकर मेकर्स ने कोर्ट में भी अपनी आवाज को उठाया। उन्होंने कहा कि आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन को दबाया नहीं जा सकता है। टीडीपी के महासचिव नारा लोकेश ने इस फिल्म के खिलाफ कोर्ट में याचिका डाली थी। यह भी पढ़ें: Kartik और Sara के बाद अब Big B ने किया प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट, हर साल कमाएंगे इतने करोड़ बताया प्रोपेगेंडा फिल्म अपनी याचिका में उन्होंने मेकर्स पर राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया। सिर्फ इतना ही नहीं इस याचिका में उन्होंने फिल्म को प्रोपेगेंडा फिल्म बताया है। नारा लोकेश ने इस याचिका में साफ तौर पर कहा है कि फिल्म में उनके नेता और पार्टी का इस्तेमाल किया गया है और इसके जरिए उनको खुलेआम बदनाम किया जा रहा है। डिस्क्लेमर बदलने की हुई थी बात जस्‍ट‍िस सुरेपल्‍ली नंदा की अदालत में इस मामले की दिनभर सुनवाई हुई, जिसमें फिल्म निर्माताओं की भी बात सुनी गई। सेंसर बोर्ड ने भी अदालत को यह बात बताई कि उनकी जांच समिति ने पहले फिल्म को रिलीज करने की अनुमति को खारिज कर दिया था। सेंसर बोर्ड ने अदालत को बताया कि राम गोपाल वर्मा से फिल्म की शुरुआत में एक लाइन जोड़कर डिस्क्लेमर को बदलने के लिए कहा गया था।


Topics:

---विज्ञापन---