'नाम-इज्जत 5 करोड़ के लिए क्यों दांव पर लगाऊं?' चेक बाउंस विवाद पर खुलकर बोले राजपाल यादव, किया बड़ा दावा
‘जो पूरी दुनिया का दिल जीत चुका हो, जो लोगों के बीच जाकर सेल्फी खिंचवाता हो और जिसके पीछे तीसों लोगों का परिवार हो, वह पांच करोड़ रुपये के लिए अपनी नाम, शोहरत और इज्जत क्यों दांव पर लगाएगा?’
चेक बाउंस के पुराने मामले को लेकर कोर्ट के चक्कर काट रहे एक्टर राजपाल यादव ने शनिवार को इस पूरे केस पर खुलकर बात की. मुंबई हवाई अड्डे पर एएनआई से बात करते हुए राजपाल यादव ने अपना पक्ष रखा और एक बड़ा दावा भी कर दिया. उन्होंने कहा कि एक पक्ष को बारह-चौदह साल से सुना जा रहा है, लेकिन दूसरे पक्ष को ठीक से सुने बिना इस विवाद का हल निकलना मुश्किल है. राजपाल यादव ने बताया कि उनके खिलाफ शुरू में तीन आरोप लगाए गए थे. पहला यह कि उन्होंने पांच करोड़ रुपये का फ्रॉड किया, दूसरा यह कि उन्होंने लोन लिया और तीसरा यह कि उन्होंने एक व्यापारी को ठगा.
विज्ञापन
एक्टर राजपाल यादव ने सवाल उठाया कि जब सारे चेक और कई समझौते मौजूद हैं तो ठगी कैसे साबित हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘जो पूरी दुनिया का दिल जीत चुका हो, जो लोगों के बीच जाकर सेल्फी खिंचवाता हो और जिसके पीछे तीसों लोगों का परिवार हो, वह पांच करोड़ रुपये के लिए अपनी नाम, शोहरत और इज्जत क्यों दांव पर लगाएगा?’
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On Cheque-Bounce Case, Actor Rajpal Yadav says, "… One side has been heard, but how can this matter be resolved without hearing the other side?. From day one, I have said that three allegations were made against me: that Rajpal committed a Rs 5… pic.twitter.com/uXRZjHxYfC
राजपाल यादव ने दावा किया कि असल में मामला 5 करोड़ का नहीं बल्कि 22 करोड़ का बना दिया गया. अगर यह लोन था तो सामने वाली कंपनी को यह बताना होगा कि 2010 में 5 करोड़ का लोन देने का अधिकार उसे था या नहीं, उसके पास लाइसेंस था या वह NBFC थी. राजपाल यादव के अनुसार 2013 में एक समझौता हुआ था जिसमें 60 प्रतिशत रकम चुकाई जा चुकी थी और बाकी 40 प्रतिशत चुकाने की बात थी.
राजपाल यादव ने कहा कि 2016 में हाईकोर्ट ने डिग्री पास कर दी कि बाकी रकम पूरी की जाए. उन्होंने कहा कि डिग्री पास होने के बाद पुराने चेक बाउंस के मामले अपने आप खत्म हो जाने चाहिए थे. 2018 में उनके एक दोस्त अनंत दत्ताराम लाड ने अपनी लगभग 25 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी कोर्ट के सामने पेश कर दी और अनुरोध किया कि बकाया 8.5 करोड़ रुपये इसमें से वसूल कर लिए जाएं. इसके बावजूद सामने वाले पक्ष के वकीलों ने उन्हें जेल भेजने की मांग की.
विज्ञापन
‘कोरोना काल में भी जारी रहा विवाद’
उन्होंने कहा कि फिर भी 2012-13 के पुराने चेक लेकर फिर से मामला उठाया गया. कोरोना काल में भी यह विवाद जारी रहा, 2022-23 में 11 करोड़ रुपये और भरने की मांग सामने आई. राजपाल यादव ने कहा कि अगर यह लोन था तो वह 2018 में ही चुका चुके हैं. अब 5 करोड़ के मूल आरोप पर बाईस करोड़ की रकम और सुप्रीम कोर्ट में सुरक्षा के रूप में रखे दो करोड़ रुपये का बोझ उन पर डाला जा रहा है. एक्टर ने कोर्ट से अनुरोध किया कि दूसरे पक्ष को 12-14 साल सुनने के बाद एक बार उनका पक्ष भी सुना जाए ताकि असल मसला सामने आ सके.