बॉलीवुड के सबसे दमदार और सादगी पसंद अभिनेताओं में से एक, नाना पाटेकर (Nana Patekar) का आशियाना उनकी शख्सियत की तरह ही बिल्कुल अनूठा और जमीन से जुड़ा हुआ था. करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के बावजूद, उन्होंने कभी बड़े-बड़े आलीशान और चकाचौंध से भरे बंगलों की तरफ रुख नहीं किया. नाना पाटेकर का घर कैसा था, वे कहां रहते थे और उनका रहन-सहन कैसा था? आइए जानते हैं उनके सादगी भरे घरों की दिलचस्प कहानी.
अंधेरी के 1BHK फ्लैट में रहते थे
बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे जहां मन्नत और जलसा जैसे आलीशान बंगलों में रहते हैं, वहीं नाना पाटेकर मुंबई में बेहद साधारण तरीके से रहना पसंद करते थे.
ये घर मुंबई के अंधेरी (वेस्ट) इलाके की शीतल अपना घर सोसाइटी में है. यह लगभग 750 स्क्वायर फीट में फैला 1BHK (एक बेडरूम) फ्लैट है. उन्होंने सालों पहले इसे महज 1.1 लाख रुपये में खरीदा था. करोड़ों की नेट वर्थ होने के बाद भी वे अपनी मां के साथ इसी साधारण घर में रहे. इसमें सिर्फ जरूरत का ही सामान रखा हुआ है, कोई फिजूलखर्ची या दिखावा नहीं.
खड़कवासला (पुणे) का फार्महाउस: जहां खुद चलाते थे हल
नाना पाटेकर को प्रकृति और मिट्टी से गहरा लगाव था. जब भी वे मुंबई के शोर-शराबे से दूर सुकून चाहते थे, तो अपने फार्महाउस पहुंच जाते थे. पुणे के पास खड़कवासला में मौजूद यह फार्महाउस लगभग 27 एकड़ में फैला हुआ है. इस 7-कमरों वाले फार्महाउस को सादे लकड़ी के फर्नीचर और पारंपरिक टेराकोटा फर्श से सजाया गया है. यहां वे सिर्फ आराम नहीं करते थे, बल्कि खुद धान, गेहूं और चने की खेती करते थे.
फार्महाउस में उन्होंने बड़ी संख्या में दुधारू गाय-भैंसे भी पाल रखी थीं. यह फार्महाउस एक तरह से नौकर-मुक्त (Servant-Free) जोन जैसा था, जहां वे अपने सारे काम और खेती-किसानी खुद करना पसंद करते थे.
गोवा का हॉलिडे होम:
फार्म हाउस और मुंबई के घर के अलावा, उत्तरी गोवा के एक शांत और एकांत तटीय हिस्से में उनका एक आधुनिक (Contemporary) शैली का हॉलिडे होम भी था. जब भी उन्हें समंदर किनारे वक्त बिताना होता था, वे वहां जाकर ठहरते थे.
नाना पाटेकर का जीवन और उनके घर यह सिखाते हैं कि इंसान की महानता बड़ी-बड़ी इमारतों या दिखावे से नहीं, बल्कि उसके विचारों और सादगी से तय होती है. 35 रुपये महीने की दिहाड़ी से शुरुआत करके करोड़ों कमाने के बाद भी उन्होंने अपनी जड़ें कभी नहीं छोड़ीं.