मुंबई पुलिस ने ली टाइगर श्रॉफ के हमलावरों की कस्टडी, क्या होता है ट्रांजिट वारंट, जिसे कोर्ट ने दी मंजूरी?

Tiger Shroff: मुंबई पुलिस के उपायुक्त राज तिलक रोशन के मुताबिक, घटना के समय बाइक पर तीन लोग सवार थे. इनमें से दो ने एक्टर टाइगर की कार पर 5 से 6 गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गए.

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टाइगर श्रॉफ मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की करीब 20 स्पेशल टीमें बनाई गईं. Photo: Instagram ( tigerjackieshroff ) / Screengrab / AI

बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को मुंबई पुलिस अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ला रही है. राजस्थान के कोटा में सोमवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें मुंबई ले जाने के लिए 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की गई. इस मामले में मुंबई पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत शुरुआती कार्रवाई की है. पुलिस का कहना है कि गोलीबारी के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है.

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बनाई गईं क्राइम ब्रांच की 20 स्पेशल टीमें

मुंबई पुलिस के उपायुक्त राज तिलक रोशन के मुताबिक, घटना के समय बाइक पर तीन लोग सवार थे. इनमें से दो ने एक्टर टाइगर की कार पर 5 से 6 गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गए. मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की करीब 20 स्पेशल टीमें बनाई गईं. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के साथ डिजिटल सबूतों की भी जांच की है. जांच के दौरान आरोपियों की मोटरसाइकिल अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास मिली.

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कैसे पकड़े गए हमलावर?

पुलिस के अनुसार, संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने के बाद उनके मुंबई से सूरत और फिर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से आगे जाने की जानकारी मिली. मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया. मुंबई पुलिस ने बताया कि दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस ने भी कार्रवाई में सहयोग किया. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में दो हरियाणा और एक बिहार का निवासी है. उनकी उम्र 18, 22 और 22 वर्ष बताई गई है.

क्या होता है ट्रांजिट वारंट या ट्रांजिट रिमांड?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब किसी मामले में एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य से आरोपी को गिरफ्तार करती है, तो उसे जांच के लिए अपने राज्य ले जाने की कानूनी अनुमति की जरूरत पड़ सकती है. इसी उद्देश्य से दूसरे स्टेट की पुलिस संबंधित कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की अपील करती है. मंजूरी कुछ समय के लिए ही होती है, जिसमें दूसरे स्टेट की पुलिस आरोपी को कस्टडी में रख सकती है और फिर उन्हें संबंधित राज्य की पुलिस को सौंपना होता है. इस नियम को ही आम बोलचाल में ट्रांजिट वारंट भी कहा जाता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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