Kolkata Doctor Rape-Murder Case: भले ही आज पूरा देश रक्षाबंधन का पर्व मना रहा है, लेकिन ये देश उस बेटी की रक्षा करने में नाकाम रहा, जिसकी रक्षा की कसम कभी किसी ने तो खाई होगी। एक तरफ कहा जाता है कि इस देश में बेटियों के लिए तमाम सुविधाएं और कानून हैं, लेकिन आज हम सभी ‘दूसरी निर्भया’ के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। आम से लेकर सेलेब्स तक एक ही डिमांड कर रहे हैं कि कोलकाता डॉक्टर रेप पीड़िता के ‘भक्षकों’ को सजा मिले। वहीं, अब मुनव्वर फारुकी ने भी इस मामले पर रिएक्ट करते हुए कहा कि ‘एक मर्द होने के नाते मुझे शर्म आती है।’ आइए आपको बताते हैं कि आखिर मुनव्वर ने इसको लेकर और क्या कहा?
मुनव्वर ने शेयर किया था वीडियो
दरअसल, चार दिन पहले मुनव्वर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा था कि ‘beti hui hai’ वहीं, अब मुनव्वर फारुकी ने कोलकाता के डॉक्टर रेप-हत्या मामले पर खुलकर बात की। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि उन्होंने अपनी कविता ‘बेटी हुई है’ क्यों बनाई और वह अपने बेटे और बेटी को क्या सिखा रहे हैं?
मुनव्वर ने क्या कहा?
इस बारे में बात करते हुए मुनव्वर ने कहा कि कोलकाता का आर. कॉलेज, जहां हमेशा सुरक्षा और जागरूकता रहती है। हम इसे सबसे सुरक्षित जगह मानते हैं, लेकिन अगर एक डॉक्टर, जो लोगों की जान बचाता है, वहां ऐसा कुछ हो सकता है, तो ये अपने आपमें एक उदाहरण है कि औरतें कहीं भी सुरक्षित नहीं है।
पुरुष वर्सेज महिला का मुद्दा न बनाएं
इस घटना के बारे में जब मुनव्वर से पूछा गया कि एक मर्द होने के नाते वो इस घटना को किस नजरिए से देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि एक पुरुष होने के नाते मुझे बहुत शर्म आती है और सिर्फ कोलकाता की घटना ही नहीं, बल्कि हम बच्चियों के साथ ऐसी कई घटनाएं सुन रहे हैं, और मुझे बोलने में भी शर्म आ रही है कि काई लोग जानवरों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। मुनव्वर ने कहा कि इस केस को पुरुष वर्सेज महिला का मुद्दा न बनाएं।
मुनव्वर ने फिर शेयर किया पोस्ट
गौरतलब है कि मुनव्वर ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने एक कविता लिखा है। इस वीडियो में मुनव्वर ‘बेटियों’ के बारे में बात कर रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि मुनव्वर ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ही देर पहले एक और पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा कि अपमान से, बाजार से, काली रात से, तो दहेज की आग से, दामन के दाग से, तो किसी अंजान से तो चेहरे पे तेजाब से… भाई… तू रक्षा करना।