Kangana Ranaut की 'इमरजेंसी' फिर क्यों विवाद में? नेटफ्लिक्स को भेजा कानूनी नोटिस

Kangana Ranaut Emergency: एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज के तीन महीने बाद ये फिर से विवाद में फंस गई है। यही नहीं मणिकर्णिका फिल्म्स और नेटफ्लिक्स को कानूनी नोटिस भेजा गया है।

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Kangana Ranaut And Coomi Kapoor File Photo

Kangana Ranaut Emergency: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ एक बार फिर से विवादों में घिर गई है। पिछले साल विरोध के चलते रिलीज को टली ये फिल्म इस साल 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। पिछले महीने इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया गया था। अब फिल्म एक बार फिर से कानूनी पचड़े में फंस गई है। कंगना रनौत के प्रोडक्शन बैनर मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड और नेटफ्लिक्स को कूमी कपूर ने कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने फिल्म पर जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से तथ्यों को विकृत करने का आरोप लगाया है। आइए जानते हैं पूरा मामला…

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कूमी कपूर की किताब पर बेस्ड इमरजेंसी

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार और ‘द इमरजेंसी: ए पर्सनल हिस्ट्री’ की राइटर कूमी कपूर ने मणिकर्णिका फिल्म्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को कानूनी नोटिस भेजकर अनुबंध का उल्लंघन करने और अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने नोटिस में कहा कि ‘मणिकर्णिका प्रोडक्शन हाउस ने उनके नाम का फायदा उठाकर अनुबंध का सरेआम उल्लंघन किया है।’ दावा किया गया है कि कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ उनकी किताब पर बेस्ड है।

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3 अप्रैल को भेजा था कानूनी नोटिस

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कूमी कपूर ने 3 अप्रैल को कंगना रनौत की प्रोडक्शन टीम और नेटफ्लिक्स को कानूनी नोटिस भेजा था। कोई जवाब नहीं मिलने के बाद मुकदमा दायर किया गया है। कूमी ने कहा, ‘मेरी बेटी वकील है। उसकी एडवाइस के बाद मैंने दो खंड शामिल किए थे। निर्माताओं को फिल्म बनाने की पूरी कलात्मक स्वतंत्रता थी लेकिन इसमें कुछ ऐसा बदलाव नहीं किया जाना चाहिए था जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों के उलट हो।’

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नोटिस में मुआवजे की मांग की गई

कूमी कपूर ने आगे लिखा, ‘अनुबंध में कहा गया था कि लेखक के नाम और किताब का इस्तेमाल किए बिना पूर्व लिखित सहमति के फिल्म के प्रचार या शोषण के लिए नहीं किया जा सकता है। मैं उस समय गोवा में थी और मैंने फिल्म नहीं देखी थी। मुझे यकीन था कि वे अनुबंध का सम्मान करेंगे लेकिन उनकी ओर से दावा किया जा रहा है कि फिल्म बुक पर बेस्ड है।’

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नोटिस में कहा गया है कि असल में देश से इमरजेंसी तब तक नहीं हटाई गई थी जब तक इंदिरा गांधी मार्च, 1977 के आम चुनाव नहीं हार गई थीं। बता दें कि कूमी कपूर ने फिल्म निर्माताओं की लापरवाही और गैरकानूनी आचरण के कारण अपनी प्रतिष्ठा खराब होने के लिए मुआवजे की मांग की है।

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