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Gulzar Shayari: गुलजार के गजलों के ये शेर, जीतते हैं फैंस का दिल

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Happy Birthday Gulzar: मशहूर गीतकार गुलजार (Gulzar) किसी पहचान के मुहताज नहीं हैं। गुलजार की लिखी गजलों के दीवाने 18 साल की उम्र से लेकर 80 साल की उम्र तक में शामिल हैं। बताते चलें कि गुलजार 18 अगस्त, गुरुवार को अपना 88वां जन्मदिन सेलिब्रेट (Happy Birthday Gulzar) कर रहे हैं। इस खास दिन पर ‘गुलजार साहब’ को मनोरंजन जगत के सितारे समेत फैंस भी दिल खोलकर बधाइयां देते देखे जा रहे हैं। तो चलिए गुलजार के जन्मदिन पर उनके जरिए लिखे गए गजलों (Gulzar Ghazals) से मशहूर शेरों पर गौर फरमा लेते हैं-

  1. दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई,
    जैसे एहसान उतारता है कोई।
    आइना देख कर तसल्ली हुई,
    हम को इस घर में जानता है कोई।।
  2. यूं भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता,
    कोई एहसास तो दरिया की अना का होता।
    आप के बाद हर घड़ी हम ने,
    आप के साथ ही गुजारी है।।
  3. आंखों से आंसुओं के मरासिम पुराने हैं,
    मेहमां ये घर में आएं तो चुभता नहीं धुआं।।
  4. खुली किताब के सफ्हे उलटते रहते हैं,
    हवा चले न चले दिन पलटते रहते है।
    शाम से आंख में नमी सी है,
    आज फिर आप की कमी सी है।।
  5. आ रही है जो चाप कदमों की,
    खिल रहे हैं कहीं कंवल शायद।।
  6. कितनी लम्बी खामोशी से गुजरा हूं,
    उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की।
    कोई अटका हुआ है पल शायद,
    वक्त में पड़ गया है बल शायद।।
  7. वो उम्र कम कर रहा था मेरी,
    मैं साल अपने बढ़ा रहा था।
    कल का हर वाकिआ तुम्हारा था,
    आज की दास्तां हमारी है।।

 

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