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“समाज में नफरत फैला रहे हैं…” सुप्रीम कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडत’ के मेकर्स को लगाई कड़ी फटकार, जानें कब होगी रिलीज

मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ इन दिनों काफी सुर्खियों में बनी हुई है. दरअसल इस फिल्म के टाइटल को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है. वहीं अब फिल्म रिलीज होने से पहले कोर्ट पहुंच गई है. इतना ही नहीं मेकर्स को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है. चलिए जानते हैं इसके बारे में .

घूसखोर पंडत पर कोर्ट का आया बयान

बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही अपने टाइटल के कारण कानूनी पचड़े में पड़ गई है. ऐसा पहली बार नहीं है जब मनोज बाजपेयी की फिल्म विवादों में घिरी है. एक्टर की यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है. दरअसल, जैसे ही फिल्म का फर्स्ट लुक सामने आया वैसे ही इसके नाम को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है. आपको बता दें कि शुरुआत में फिल्म के नाम को ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ बताया गया है, जिसे लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने दिल्ली हाई कोर्ट को यह जानकारी दी थी कि मनोज बाजपेयी की फिल्म का नाम बदला जा रहा है.

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फिल्म का नया टाइटल होगा रिलीज

आपको बता दें कि मनोज बाजपेयी की फिल्म को लेकर, जो भी कंटेंट था सब को हटा दिया गया था. लेकिन कोर्ट ने फिल्म डायरेक्टर और नेटफ्लिक्स से फिल्म का नया नाम पूछा था और उन्हें 12 फरवरी दोपहर 12.30 बजे का वक्त दिया गया था. हालांकि, मेकर्स और नेटफ्लिक्स की तरफ से कोर्ट में किसी भी तरह का कोई नया फिल्म टाइटल पेश नहीं किया गया.

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कोर्ट ने मेकर्स को दिया आदेश

मनोज बाजपेयी की फिल्म को लेकर कोर्ट ने आज यानी 12 फरवरी को साफ कहा है कि इस तरह के नाम से आप समाज में जानबूझकर समाज में नफरत फैला रहे हैं. आपको इसकी इजाजत कोर्ट नहीं दे सकता है. कार्ट ने आगे कहा कि हम आपकी फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे. लेकिन मेकर्स और नेटफ्लिक्स की ओर से वकील ने साफ किया है कि फिल्म का टाइटल बदला जा रहा है. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए यह भी साफ किया है कि आपको अगली तारीख नहीं दी जाएगी. इसका फैसला 19 फरवरी को सुनाया जाएगा.आप जल्द एक हलफनामा दाखिल करें और फिल्म का बदला हुआ नाम बताएं. कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में इस तरह का नाम न रखें इससे देश का सौहार्द खराब होता है, वहीं कोर्ट ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता का ये मतलब कतई नहीं होता है कि आप किसी को आहत करें.


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