उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी को लेकर हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक का समर्थन किया है. दलेर मेहंदी अपने भाई और गायक मीका सिंह के साथ मुख्यमंत्री से मिले. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि दलेर मेहंदी का उत्तराखंड में फिर से स्वागत किया जाएगा और उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा.
फोन पर बात करते हुए रो पड़े दलेर मेहंदी
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, मीका सिंह ने बताया कि घटना के अगले दिन जब उन्होंने अपने भाई को फोन किया, तो दलेर मेहंदी रोने लगे. मीका ने कहा कि उन्होंने अपने भाई को समझाया कि अगर उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें कार्यक्रम के लिए हां नहीं कहनी चाहिए थी. मीका ने यह भी कहा कि अगर मंत्री ने मंच पर उन्हें डांटा था, तो उन्हें उसी समय अपनी बात रखनी चाहिए थी. इस पर दलेर मेहंदी ने कहा कि वह किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं कर सकते. मीका ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे और दलेर मेहंदी से बात की और भरोसा दिया कि उनका उत्तराखंड में हमेशा स्वागत होगा.
‘मेरा भाई निर्दोष है’
मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और दलेर मेहंदी को दोबारा सम्मान के साथ उत्तराखंड बुलाने का भरोसा दिया. मीका के मुताबिक, दलेर मेहंदी ने खुद उनसे कहा कि अब इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए. मीका ने अपने भाई की इच्छा का सम्मान करते हुए विवाद से आगे बढ़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि कलाकारों को सम्मान मिलना चाहिए और इस मामले को पॉजिटिव तरीके से खत्म करना जरूरी है.
आखिर क्या था पूरा विवाद?
यह मामला 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी जिले में कुंजापुरी मेले के दौरान हुए एक कार्यक्रम का है. यहां दलेर मेहंदी गाना गा रहे थे. इसी दौरान विधायक सुबोध उनियाल ने उनका कार्यक्रम रुकवा दिया. विधायक ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी शराब पीकर मंच पर गा रहे थे. उन्होंने माइक पर ही गायक को डांटा और कहा कि नवरात्रि के कार्यक्रम में शराब पीकर गाना गाना गलत है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद मीका सिंह अपने भाई के समर्थन में सामने आए. उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं. अभिनेता अनुपम खेर, वीर दास और राजपाल यादव समेत कई कलाकारों ने भी दलेर मेहंदी का समर्थन किया.
दलेर मेहंदी पहले एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उन्होंने कभी शराब नहीं पी, क्योंकि वह अपनी आवाज को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते. उन्होंने यह भी बताया था कि उनके गुरु ने उन्हें संगीत सिखाने के लिए शर्त रखी थी कि वह शराब से दूर रहेंगे.