Crazxy Review: (By: Navin Singh Bhardwaj) एक्टर और प्रोड्यूसर सोहम शाह एक बड़े ही यूनिक कॉन्सेप्ट के साथ अपनी दूसरी फिल्म ‘क्रेजी’ (Crazxy) के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। साथ में हैं राइटर और फर्स्ट टाइम डायरेक्टर गिरीश कोहली। अब इनका Crazxy कॉम्बीनेशन, क्या कमाल दिखा रहा है? ये जानने के लिए पढ़िए News24 का रिव्यू। कहानी की शुरुआत गुड़गांव से होती है, जहां डॉक्टर अभिमन्यु सूद (सोहम शाह ) 5 करोड़ कैश से भरे बैग को लेकर हॉस्पिटल जा रहे हैं। अब इतना बड़ा अमाउंट क्यों? उसकी बैकग्राउंड स्टोरी हम बताते हैं।
क्या है ‘क्रेजी’ की कहानी?
दरअसल गलत सर्जरी के वजह से अभिमन्यु के हाथों एक लड़के की जान चली जाती है और ये 5 करोड़ कोर्ट के बाहर का सेटलमेंट मनी है। रास्ते में अभिमन्यू को एक कॉल आता है, जिसमें पता चलता है कि उसकी बेटी किडनैप हो गई है। पहले तो अभिमन्यु इस बात पर यकीन नहीं करता, लेकिन अपनी एक्स वाइफ से बात करते ही उसे भरोसा हो जाता है कि ये सच है। अभिमन्यु की बेटी को जन्म से ही डाउन सिंड्रोम होता है। एक नामचीन सर्जन अपने स्पेशल चाइल्ड की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता, इसलिए वो अपनी बीवी और बेटी से अलग हो जाता है। अभिमन्यु की बेटी का किडनैपर उससे 5 करोड़ की डिमांड करता है, तो क्या उन पैसों से अभिमन्यु अपनी बरसो से बनाई रेपुटेशन को बचाएगा या अपनी बेटी को? आगे की कहानी जानने के लिए आपको अपने नजदीकी थिएटर जाना होगा।
यूनिक स्क्रिप्ट के साथ कमजोर है कहानी
राइटर-डायरेक्टर गिरीश कोहली और एक्टर-प्रोड्यूर सोहम शाह ने Crazxy को क्रेजी बनाने की पूरी कोशिश की है, ये कोशिश स्क्रीन पर नजर भी आती है, लेकिन हमें ये क्रेजी आइडिया, क्रेजीपन का ओवरडोज ज्यादा लगा है। कहानी के हिसाब से स्क्रिप्ट बेहद ही यूनिक है, लेकिन 1 घंटे 40 मिनट तक एक ही शक्ल देखकर उबासी आने लग जाएगी। फिल्म की कहानी कमजोर है, लेकिन डायरेक्शन अच्छा है और बेहद ही अच्छे कलाकार जैसे पीयूष मिश्रा, शिल्पा शुक्ला और टीनू आनंद की आवाज की जगह, उनकी थोड़ी सी झलक पर्दे पर मिल जाती तो, सोहम शाह के ओवरडोज को झेला जा सकता था। स्क्रिप्ट का डिमांड एक ही एक्टर को दिखाना था, तो ये वाकई एक्ट्रा क्रेजी कॉन्सेप्ट है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर ठीक है, अलग-अलग गाने भी हैं, लेकिन आप याद नहीं रह पाएंगे।
फिल्म में रोए, लेकिन रुला नहीं पाए सोहम शाह
इस फिल्म में एक ही एक्टर हैं- सोहम शाह। आपको कुछ देखने को नहीं मिलेगा, हां सुनने को जरूर मिलेगा। सोहम शाह ने मेहनत खूब की, लेकिन इस कैरेक्टर में वो एवरेज ही लगे हैं। एक पिता के हिसाब से वो बड़े पर्दे पर फूट-फूट कर रोए जरूर हैं, लेकिन रुला नहीं पाए। पूरी फिल्म में 3 एक्टर्स की आवाज सुनने को मिली है- पीयूष मिश्रा, टीनू आनंद और शिल्पा शुक्ला। Crazxy एक सुपर क्रेजी एक्सपेरिमेंट है। इसे फिल्म मेकिंग के एक्सपेरीमेंट के तौर पर तो आप देख सकते हैं, लेकिन बस उतना ही। शायद आगे चलकर एक्सपेरीमेंटल फिल्म के तौर पर इस पर बात की जाए, लेकिन कम से कम एंटरटेनमेंट के हिसाब से स्टोरी टेलिंग, म्यूजिक, कैरेक्टर बिल्डअप जैसा आपको इस फिल्म में कुछ नहीं मिलेगा।
यूनिट कॉन्सेप्ट के लिए ‘क्रेजी’ को 1 स्टार