'उसे मैंने ही शहीद किया…', कौन थे PAK ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर? अरुण खेत्रपाल पर चलाई थी गोली

Who Was Brigadier khwaja Mohammed Naseer? फिल्म ‘इक्कीस’ को सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है. इसकी कहानी सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल पर आधारित है. इसमें अगस्त्य नंदा के साथ ही जयदीप अहलावत भी अहम रोल में हैं. वह पाकिस्तान के उस अफसर के रोल में हैं, जिसने अरुण खेत्रपाल को शहीद किया था. चलिए बताते हैं उनके बारे में.

Ikkis Movie, Who Was PAK Officer Brigadier khwaja Mohammed Naseer

कौन थे PAK ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर? (Photo- X)

अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया की डेब्यू फिल्म ‘इक्कीस’ को सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है. यह धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म है, जिसमें उन्होंने अगस्त्य नंदा के पिता का रोल प्ले किया है. वहीं, अगस्त्य ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल का रोल प्ले किया है. उनके अभिनय की फिल्म में तारीफ की जा रही है. इसके साथ ही अन्य कलाकारों में फिल्म में जयदीप अहलावत भी हैं. उन्होंने उस पाकिस्तानी अफसर का किरदार निभाया है, जिसने अरुण पर गोली चलाई थी. 1971 में हुई बसंतर की लड़ाई में वह शहीद हो गए थे. गोली चलाने की बात उस पाकिस्तानी अफसर ने अरुण के पिता ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल के सामने कबूला था. चलिए बताते हैं उस पाकिस्तानी अफसर और किस्से के बारे में…

विज्ञापन

जब सरगोधा पहुंचे थे अरुण खेत्रपाल के पिता

दरअसल, फिल्म ‘इक्कीस’ में जयदीप अहलावत ने ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर का रोल प्ले किया है. उन्होंने जब लाहौर में अरुण के पिता से मुलाकात की थी तो जबरदस्त स्वागत किया था और उन्हें उनके बेटे को मारने की बात भी बताई थी. बात ऐसी थी कि अरुण खेत्रपाल के शहीद होने के कई साल बाद 2001 में उनके पिता ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल ने सरगोधा जाने का मन बनाया था, जहां पर वह पैदा हुए थे. सरगोधा अब पाकिस्तान में है और वहीं लाहौर एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात पाक के ब्रिगेडियर नसीर से हुई थी.

विज्ञापन

पाक अफसर ब्रिगेडियर नसीर के बारे में

बहरहाल, अगर पाक अफसर ब्रिगेडियर नसीर के बारे में बात की जाए तो वह पाकिस्तान सेना की 13 लांसर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी थे. वह साल 2001 में तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के पिता से मुलाकात की थी. उस समय दुनियाभर की नजरें उन पर ही थम गई थीं. 1971 में भारत-पाकिस्तान की बसंतर में हुई लड़ाई में अरुण खेत्रपाल शेर की तरह लड़े थे और 21 साल की उम्र में वह शहीद हो गए थे.

विज्ञापन

फिल्म ‘इक्कीस’ में क्या है?

इसके साथ ही फिल्म ‘इक्कीस’ को लेकर बात की जाए कि फिल्म पाक ब्रिगेडियर नसीर के सीन को कैसे दिखाया गया है तो इसमें दिखाय गया है कि वह सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के पिता ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल से बड़े सम्मान के साथ मिलते हैं. एयरपोर्ट पर भी गर्मजोशी से स्वागत किया. ये ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर वही थे, जिसने लड़ाई के दौरान अरुण खेत्रपाल पर गोली चलाई थी. फिर जब उन्होंने इस बात को सेकंड लेफ्टिनेंट के पिता को बताई थी तो उस समय अलग ही माहौल था. बाद में जब एमएल खेत्रपाल लौटे तो उन्होंने बताया था कि जैसे पाक अफसर और उनका परिवार कुछ कहना चाहता था.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ