दिग्गज अभिनेता विश्वनाथ पाटेकर (नाना पाटेकर) ने आज यानी 08 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है. एक्टर का कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हुआ है. एक्टर के निधन की खबर से उनके फैंस के साथ-साथ सिनेमा जगत को भी काफी बड़ा झटका लगा है. दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर को बेस्ट कलाकार के साथ दिल के अच्छे इंसान के तौर पर भी उन्हें याद किया जाएगा.
आपको बता दें कि नाना पाटेकर की कहानी एक बेहतरीन एक्टर और सिल्वर स्क्रीन पर कब्जा जमाने से पहले ही जिंदगी ने उन्हें काफी छोटी उम्र से जीवन ने उनको जिंदगी की सच्चाई से सामना शुरू करा दिया था.
कैसा था नाना पाटेकर का बचपन
दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मराठी परिवार में हुआ था. एक्टर की फिल्मों को दर्शक काफी ज्यादा पसंद किया करते थे. दिवंगत एक्टर ने कई ऐसी फिल्में की है, जो कल्ट क्लासिक साबित हुई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्टर की जिंदगी फिल्मों में आने से पहले काफी संघर्ष भरी रही है. दरअसल, नाना पाटेकर ने साल महज 2015 में बॉम्बे टाइम्स के साथ बात करते हुए उस दौर को याद किया था, जब आर्थिक तंगी के कारण नाना को महज 13 साल की उम्र में काम करना शुरू करना पड़ा था.
रोज 8 KM पैदल चलकर कहां जाते थे नाना पाटेकर ?
आपको बता दें कि नाना पाटेकर स्कूल पूरा करने के बाद 8 किलोमीटर दूर पैदल चलकर चुनाभट्टी जाया करते थे और फिल्म के पोस्टर पेंट किया करते थे. एक्टर ने यह भी बताया था कि इस काम के बदले उन्हें उस दौर में उन्हें महीने के 35 रुपये मिलते थे और खाना भी सिर्फ एक वक्त ही मिलता था.
थिएटर के दौरान मिलते थे 750 रुपये
दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर ने सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से अपनी पढ़ाई पूरी की थी. बता दें कि नाना पाटेकर ने अपनी एक्टिंग की शुरुआत थिएटर के जरिए की थी. उस दौरान एक्टर को 750 रुपये महीने मिला करते थे. दरअसल, यह बात साल 1978 के आसपास की है. नाना पाटेकर ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.