Zakir Hussain के निधन से AR Rahman को बड़ा पछतावा, अधूरा रह गया सपना

AR Rahman on Zakir Hussain Death: जाकिर हुसैन के निधन के बाद एआर रहमान ने सोशल मीडिया पर शोक जाहिर किया। उन्होंने एक पछतावे का भी जिक्र किया। क्या कुछ कहा एआर रहमान ने, चलिए आपको बताते हैं।

AR Rahman on Zakir Hussain Demise

AR Rahman on Zakir Hussain Demise

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AR Rahman on Zakir Hussain Death: फेमस तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर ने पूरे संगीत जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। उनके योगदान को न सिर्फ भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में बल्कि वर्ल्ड लेवल पर भी अपना नाम कमाया। संगीतकार और कम्पोजर ए आर रहमान ने अब सोशल मीडिया पर उस्ताद के साथ अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान एआर रहमान ने अपने एक पछतावे का भी जिक्र किया। क्या कुछ कहा एआर रहमान ने, चलिए आपको बताते हैं।

एआर रहमान ने जाकिर हुसैन को किया याद

एआर रहमान ने जाकिर हुसैन के निधन की खबर सुनते ही उनके साथ सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने फूलों और प्रार्थना के इमोजी भी लगाए, जो बताता है कि उन्हें जाकिर के निधन से कितना बड़ा धक्का लगा है।

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सोमवार को एआर रहमान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस्ताद जाकिर हुसैन के साथ बिताए गए वक्त को याद करते हुए लिखा, ‘इन्ना लिलाही वा इन्ना इलाही राजिऊन। जाकिर भाई एक प्रेरणा स्रोत थे, उनकी शख्सियत इतनी बड़ी थी कि उन्होंने तबला को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई। उनका इस दुनिया से जाना हमारे लिए एक अपूरणीय क्षति है।’

एआर रहमान को इस बात का मलाल

रहमान ने ये भी बताया कि वो दोनों एक साथ एक एल्बम पर काम करने का प्लान बना रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बात का अफसोस है कि हम जितना काम कर सकते थे, उतना साथ में नहीं कर पाए। हम दोनों ने मिलकर एक एल्बम बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब ये सपना अधूरा रह गया। आप हमेशा याद आएंगे। भगवान से प्रार्थना है कि उनके परिवार और उनके अनगिनत फैंस को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दे।’

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सोमवार सुबह हुआ उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन

उस्ताद जाकिर हुसैन की बीमारी के बारे में बताया गया कि वो इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस यानी एक प्रकार की गंभीर फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। 73 साल के जाकिर हुसैन ने संन फ्रांसिस्को में अंतिम सांस ली और उनकी मौत की पुष्टि उनके परिवार के प्रवक्ता ने की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, ‘उस्ताद जाकिर हुसैन जी का निधन हमें गहरे शोक में डाल गया। वो भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक महान प्रतीक थे जिन्होंने दुनियाभर में तबला को एक नई पहचान दिलाई। उनका योगदान अतुलनीय है और उनकी यादें हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगी।’

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लेखक के बारे में

Himanshu Soni

Himanshu Soni

हिमांशु सोनी न्यूज 24 में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के तौर पर टीवी, फिल्म जगत और ओटीटी की कोई खबर हिमांशु की पैनी नजरों से बच नहीं पाती। हिमांशु की एंटरटेनमेंट के अलावा स्पोर्ट्स की खबरों पर भी अच्छी पकड़ है। हिमांशु पिछले 5 साल से मीडिया में हैं। इस दौरान हिमांशु ने नेटवर्क 18 ग्रुप, इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल (ITGD), टीवी 9 ग्रुप जैसे बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। हिमांशु ने डिजीटल पर एंकर और कंटेंट राइटर की भूमिका निभाई है। हिमांशु हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके हिमांशु हिन्दी पत्रकारिता में मास्टर्स और पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान यूनिवर्सिटी के सिल्वर मेडलिस्ट हैं।
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