बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की देश ही नहीं दुनियाभर में जबरदस्त फैंस फॉलोइंग है. एक्टर कई सालों से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. इस मामले में अब कोर्ट ने एक निर्देश जारी किया है. कोर्ट ने साफ किया है कि अगर वो (अमिताभ बच्चन) केस को आगे बढ़ाना चाहते हैं और संस्थाओं के साथ उनकी बातें नहीं बनती है, तो उन्हें कोर्ट में पेश होना होगा.
‘बार और बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की बेंच ने दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के केस पर विचार करते हुए यह निर्देश जारी किया जब पक्षों ने कोर्ट में बताया कि नवंबर 2022 में ‘एकतरफा रोक’ लगाकर अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की गई थी. हालांकि, इस कार्यवाही के दौरान पक्षों ने आपसी समझौते की बात की थी.
अमिताभ बच्चन के वकील ने अदालत से मांगा समय
कोर्ट में पक्षों ने यह भी जिक्र किया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ आपसी समझौता हो गया था, लेकिन बिग बी की तरफ से कुछ व्यवहारिक दिक्कतों के कारण समझौते की कागजात पर दस्तखत नहीं हो पाया था. वहीं अब दिग्गज कलाकार अमिताभ बच्चन के वकील ध्रुव आनंद ने कोर्ट में इसे लेकर समय की भी मांग की है. वकील ने साफ किया है कि औपचारिकताएं पूरी करने और रिकॉर्ड पर लाने के लिए समय की मांग की है.
दिल्ली हाई कोर्ट 16 नवंबर तक का दिया समय
जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की अदालत ने साफ किया है कि अगर 16 नवंबर से पहले नहीं हो पाता है और एक्टर अमिताभ बच्चन अपने मुकदमे को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई के लिए कोर्ट में हाजिर होना होगा. आपको बता दें कि साल 2022 में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने आवाज, नाम, चेहरे की तस्वीर को बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल करने का मुद्दा उठाया था.