Allu Arjun को कितनी हो सकती है सजा? भगदड़ मामले ने पुष्पा की बढ़ाई टेंशन

Allu Arjun Stampede Case Update: अल्लू अर्जुन की परेशानियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं, एक दिन जेल की हवा खा चुके एक्टर को अब सजा भी हो सकती है। आइए जान लेते हैं पूरा मामला…

Pushpa 2 stampede case

Pushpa 2 stampede case

Allu Arjun Stampede Case Update: साउथ के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के दौरान हुई भगदड़ (Allu Arjun Stampede Case Update) में एक महिला की मौत और एक बच्चे के बुरी तरह घायल होने की वजह से अल्लू को एक रात जेल में बितानी पड़ी। अभी भी उनके सिर पर सलाखों के पीछे जाने की तलवार लटक रही है। मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के 20 दिनों बाद अल्लू से तेलंगाना पुलिस ने पूरे 3 घंटे पूछताछ की। इस केस की वजह से अल्लू अर्जुन आरोपी बन गए हैं और उन पर कई धाराएं लगी हैं। अब ये जान लेते हैं कि कौन सी धारा के तहत क्या सजा हो सकती है।

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क्या है पूरा मामला

सबसे पहले उन लोगों को जो इस केस के बारे में ज्यादा नहीं जानते उन्हें ये बता देते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला? दरअसल 4 दिसंबर को हैदराबाद के संध्या थिएटर में अल्लू अर्जुन अपनी फिल्म पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के लिए गए थे। इस दौरान वहां पर फैंस की भीड़ अपने फेवरेट एक्टर की एक झलक देखने के लिए उमड़ पड़ी। कुछ ही पलों में भीड़ बेकाबू हो गई और वहां भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में एक 35 साल की महिला जिसका नाम रेवती बताया गया कि मौत हो गई। वहीं एक बच्चा भी बुरी तरह से घायल हो गया जो अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

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अल्लू के खिलाफ हुई थी FIR

इस घटना के बाद मृतक महिला के परिजनों ने अल्लू अर्जुन और सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन को दोषी ठहराया। हैदराबाद पुलिस ने  इस केस में शिकायत के आधार पर चिक्कड़पल्ली थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर मैनेजमेंट पर मामला दर्ज कर लिया।

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अल्लू अर्जुन पर लगी कौन-कौन सी धाराएं

अल्लू अर्जुन इस मामले में एक दिन पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं। लेकिन ये मामला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और धारा 118(1) के तहत FIR दर्ज हुई है। जान लें कि इन दोनों धाराओं के तहत उन्हें बिना वारंट के ही गिरफ्तार किया जा सकता है। ये भी जान लें कि इन धाराओं में जमानत का प्रावधान है, और इन धाराओं में केस को मजिस्ट्रेट कोर्ट में चलाया जाता है। बात धारा 118(1) की करें तो ये संयोजनीय यानी कंपाउंडेबल हैं जिसका मतलब है कि अगर पीड़ित चाहे तो वो कोर्ट के बाहर भी आरोपी पक्ष से समझौता कर सकता है।

धारा 105 के तहत क्या है सजा का प्रावधान

अब ये जान लेते हैं कि धारा 105 के तहत सजा का क्या प्रावधान है। इसमें गैर इरादतन हत्या के आरोप में आरोपी को 5 से 10 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। अल्लू अर्जुन पर ये धारा भी लगी है, तो ऐसा भी हो सकता है कि उन्हें भी इस सजा से गुजरना पड़े।

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