'हम बांग्लादेश या नेपाल नहीं, सत्ता परिवर्तन…', अभिजीत दीपके की हिरासत पर बोले एक्टर प्रकाश राज?

एक्टर प्रकाश राज ने अभिजीत दीपके की हिरासत पर सवाल उठाए हैं. CJP कार्यकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के बल प्रयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को संदेश दिया.

Prakash Raj | Abhijeet Dipke | CJP Protest

एक्टर प्रकाश राज ने CJP की मांगों का खुलकर समर्थन किया है. (Credit-ANI)

एक्टर प्रकाश राज ने सत्ता परिवर्तन की मांगों का समर्थन किया है, लेकिन कहा भी कि सत्ता परिवर्तन चुनाव कराकर और संवैधानिक तरीके से ही होना चाहिए. क्योंकि बांग्लादेश और नेपाल की तरह भारत नहीं है. बांग्लादेश में साल 2024 में और नेपाल में साल 2025 में विरोध प्रदर्शनों के चलते सरकारों का पतन हुआ था. भारत में भी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं कि लेकिन आंदोलनों के जरिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे. क्योंकि हमारे पास भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और भगत सिंह हैं. लोकतांत्रिक देश होने के नाते अपना संविधान, कानून और वोट देने का अधिकार है, जिसके जरिए ही देश चलाएंगे.

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दिल्ली पुलिस के द्वारा बल प्रयोग पर सवाल उठाए

प्रकाश राज ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) संस्थापक अभिजीत दिपके को तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए जाने पर बात करते हुए प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के जरिए केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया. जबकि केंद्र सरकार को बातचीत करके मसला सुलझाना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकर के रवैये के कारण ही CEC को पद से हटाने की मांग तेज हुई और विरोध प्रदर्शन करने पड़े. केंद्र सरकार ने ही धरने प्रदर्शनों के लिए मजबूर किया है. विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से ही होता, लेकिन पुलिस ने इसे हिंसक बना दिया. जबकि भारतीय सवाल उठाने, प्रदर्शन करने और मतदान करने के अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने लिए बल प्रयोग कर रही है.

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दिल्ली में डिटेंशन के लिए केंद्र सरकार पर भड़के

प्रकाश राज ने कहा कि तिरंगा मार्च के दौरान हुई गिरफ्तारियों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि आप ‘हर घर तिरंगा’ का नारा देते हैं तो जब देश के युवा तिरंगे के साथ चलना चाहते हैं तो क्या समस्या है? प्रदर्शनकारियों में पुरुषों के साथ महिलाएं भी थीं, जिनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने हिंसक रुख अपनाया. लेकिर सरकार चाहे जितना जोर लगा ले, फिर सड़कों पर उतरेंगे और अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे. केंद्र सरकार को CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना ही होगा और देश में निष्पक्ष चुनाव कराने होंगे. अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना ही होगा. नेहा बोरा को आधी रात तक हिरासत में रखना भी गलत है, पुलिस को भारतीय कानून के तहत महिला को थाने में रखने का अधिकार नहीं है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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