NEET-PG New Admission Rule: नीट-पीजी में परसेंटाइल सिस्टम होगा खत्म! अब रैंक के आधार पर मिलेगा एडमिशन

NEET PG Admission System Change 2027: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2027 से NEET-PG में परसेंटाइल सिस्टम खत्म कर रैंक-बेस्ड मेरिट से एडमिशन दिया जाएगा. जानें पूरा मामला और नए नियम.

neet pg admission new rule

NEET-PG परीक्षा में 2027 से लागू होने वाला यह नया रैंक-बेस्ड सिस्टम और सख्त कट-ऑफ नियम मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है. (PTI Photo)

मेडिकल फील्ड में पोस्ट ग्रेजुएशन (MD/MS) की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे डॉक्टरों और स्टूडेंट्स के लिए एक बहुत बड़ा अपडेट आया है. NEET-PG और NEET-SS की दाखिला प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने एक अहम जानकारी दी है. 12 सदस्यों वाली एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक, साल 2027 से NEET-PG में मौजूदा परसेंटाइल (Percentile) सिस्टम को खत्म करके रैंक-बेस्ड मेरिट (Rank-Based System) व्यवस्था लागू की जाएगी.

विज्ञापन

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने इस बदलाव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. जान‍िये पूरा मामला क्या है, यह नया नियम क्यों लाया जा रहा है और इससे मेडिकल स्टूडेंट्स पर क्या असर पड़ेगा.

विज्ञापन

2027 से क्या-क्या बदलेगा?

सुप्रीम कोर्ट में 3 नवंबर को सौंपी गई कमेटी की रिपोर्ट में कई बड़े सुझाव दिए गए हैं. अब एलिजिबिलिटी के लिए परसेंटाइल की जगह सीधे उम्मीदवार की ऑल इंडिया रैंक (AIR) को आधार बनाया जाएगा. कमेटी ने साफ कहा है कि केवल खाली सीटें भरने के लिए कट-ऑफ और योग्यता के न्यूनतम मानकों को बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिराया जाना चाहिए. प्री-क्लीनिकल और पैरा-क्लीनिकल विषयों में खाली रहने वाली सीटों को भरने के लिए फीस कम करने और सर्विस बॉन्ड (Service Bond) से छूट देने का सुझाव दिया गया है. वहीं हर साल काउंसलिंग प्रक्रिया में होने वाली देरी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही गई है.

क्यों पड़ी इस नए बदलाव की जरूरत?
पिछले कुछ सालों से मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें खाली रहने पर कट-ऑफ बहुत ज्यादा घटा दी जाती थी, जिस पर काफी विवाद खड़ा हो गया था. साल 2023 में खाली सीटें भरने के लिए कट-ऑफ घटाकर शून्य (Zero Percentile) कर दी गई थी, जिससे माइनस मार्किंग वाले अभ्यर्थी भी एलिजिबल हो गए थे.

विज्ञापन

वहीं साल 2024 में कट-ऑफ घटाकर जनरल के लिए 15 परसेंटाइल और रिजर्व के लिए 10 परसेंटाइल कर दी गई. बात अगर साल 2025-26 सेशन की करें तो जनवरी 2026 में NBEMS ने फिर से cut-off में भारी कटौती की. जनरल कैटेगरी की कट-ऑफ 50वीं से घटाकर 7वीं परसेंटाइल और SC/ST/OBC के लिए शून्य (Zero) कर दी गई. कट-ऑफ के इतना नीचे चले जाने से मेडिकल एजुकेशन की क्‍वालिटी पर सवाल उठने लगे और यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हर साल एडमिशन के वक्त यह समस्या खड़ी होती है, जिससे छात्रों को काफी परेशानी होती है. कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) की अध्यक्षता में 12 सदस्यों की कमेटी बनाई थी. अब कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों (Petitioners) को रिपोर्ट का जवाब देने के लिए समय दिया है और अगली सुनवाई के लिए मामला स्थगित कर दिया है.

विज्ञापन

NEET-PG परीक्षा में 2027 से लागू होने वाला यह नया रैंक-बेस्ड सिस्टम और सख्त कट-ऑफ नियम मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है. अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के नियमों पर निर्भर करेगा.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ