महादेव बेटिंग ऐप का को-फाउंडर रवि उप्पल दुबई से गिरफ्तार, अब भारत लाने की तैयारियां तेज

Mahadev Betting App: महादेव बेटिंग ऐप मामले में भारतीय अधिकारियों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है, सट्टेबाजी ऐप के को-फाउंडर को यूएई से अरेस्ट कर लिया गया है. अब उसे भारत लाने की कोशिश की जा रही है.

Ravi Uppal

रवि उप्पल (Photo-X)

Ravi Uppal Arrested In Dubai: भारतीय सरकारी अधिकारियों ने 4 अक्टूबर को बताया कि विवादित ‘महादेव’ ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर और करोड़ों रुपये के अवैध सट्टेबाजी रैकेट के मुख्य आरोपी रवि उप्पल को दुबई में अरेस्ट कर लिया गया है. ये गिरफ्तारी उसके कथित बिजनेस पार्टनर और एक अन्य मुख्य आरोपी, सौरभ चंद्राकर के ओमान से प्रत्यर्पण के कुछ दिनों बाद सामने आया है.

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भारत लाने की तैयारी

भारतीय जांच एजेंसियां ​​उप्पल की गिरफ्तारी को एक बड़ी कामयाबी मान रही हैं और उसे भारत लाने के तरीकों पर काम कर रही हैं. हालांकि यूएई के अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर भारत सरकार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी है. अधिकारियों ने बताया कि राजनयिक चैनलों के जरिए पुष्टि करने और प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने की कोशिशें की जा रही हैं.

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दुबई में पहले भी हुई थी गिरफ्तारी और रिहाई

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला उप्पल दुबई से अपना काम चला रहा था. अक्टूबर 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी किया था. उसी साल दिसंबर में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन तकरीबन 45 दिनों के भीतर ही उसे रिहा कर दिया गया.

इसके बाद जनवरी 2024 में ईडी ने यूएई को उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा. बाद में ऐसी खबरें आईं कि उप्पल देश छोड़कर वानुअतु चला गया था और फिर वापस यूएई लौट आया. जांचकर्ताओं का ये भी दावा है कि भारत छोड़ने के बाद उप्पल और चंद्राकर, दोनों ने वानुअतु देश के पासपोर्ट हासिल कर लिए थे.

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हवाला से कनेक्शन

ED के मुताबिक रवि उप्पल इस संगठन के वित्तीय कामकाज को संभालने में अहम भूमिका निभाता था. इसमें हवाला लेनदेन और नागपुर में सट्टेबाजी ऑपरेटरों के साथ तालमेल बिठाना शामिल था. जहां चंद्राकर कथित तौर पर प्लेटफॉर्म के प्रचार और संचालन का काम देखता था, वहीं उप्पल दुबई से वित्तीय व्यवस्थाओं को संभालता था. जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि उससे पूछताछ करने पर मनी ट्रेल का पता चल सकता है और उन लोगों की पहचान हो सकती है, जिन्हें इस अवैध कमाई से फायदा हुआ है.

94000 करोड़ रुपये का रैकेट

जांच एजेंसी का अनुमान है कि महादेव प्लेटफॉर्म और उससे जुड़े सट्टेबाजी नेटवर्क के जरिए लगभग 94000 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है. एजेंसी का दावा है कि इस पूरे काम से प्रमोटरों को करीब 4000 से 5000 करोड़ रुपये मिले हैं. ईडी इस मामले की जांच के सिलसिले में एक अन्य आरोपी, विकास छपारिया की भी तलाश कर रही है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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