गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड केस में नई जानकारी सामने आई है. जांच करने वाली टीम को जानकारी मिली है कि उलझे हुए रिश्ते, घर में लंबे समय से तनाव और आर्थिक तंगी भी इस कदम के पीछे हो सकती हैं. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. तीनों बहनें एक बहुमंजिला इमारत में अपने पिता और उसकी पत्नी के साथ रहती थीं. बुधवार को तीनों बहनों ने मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया.
पुलिस को जांच की शुरुआत में जैसे पारिवारिक रिश्तों की जानकारी थी, वह उससे कहीं ज्यादा उलझा हुआ है. पूछताछ में पता चला कि पिता की अभी तीन पत्नियां हैं. उसकी एक पत्नी का नाम सुजाता है, जो सबसे बड़ी बेटी निशिका की मां हैं. दूसरी हीना है, जो दो छोटी बहनों प्राची और पाखी की मां हैं. और तीसरी बीवी का नाम टीना है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ये तीनों महिलाएं सगी बहने हैं.
जांच में पिता के एक लिव-इन पार्टनर के साथ पुराने संबंधों का भी पता चला. पिता की लिव-इन पार्टनर की साल 2015 में साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में एक फ्लैट की छत से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
तीनों बहनों के पिता ने पहली शादी 18 साल पहले की थी. लेकिन बच्चा नहीं होने पर उसने तीन साल बाद पत्नी की छोटी बहन से शादी कर ली. सबसे बड़ी बेटी का जन्म पहली पत्नी से हुआ था, जबकि दो छोटी लड़कियों का जन्म दूसरी पत्नी से हुआ था. कोरोना महामारी के बाद से परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था.
सुसाइड करने वाली तीनों नाबालिग बहनें अपनी मां की बजाय पिता से ज्यादा करीब थीं. पुलिस का मानना है कि यही वजह है कि बहनों ने सुसाइड नोट अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है, और कहीं भी अपनी मां के नाम का जिक्र नहीं किया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसमें किसी तरह की साजिश के संकेत नहीं मिले हैं. सबूतों से ऐसा लग रहा है कि बहनों ने एक के बाद एक कूदकर जान दी है.
पुलिस ने बताया कि बहनों के कमरे से एक नौ पन्नों की पॉकेट डायरी भी मिली है. इस डायरी से पता चलता है कि उन्हें कोरियाई कल्चर से बेहद लगाव था. साथ ही परिवार में होने वाली कलह की ओर भी यह डायरी इशारा करकती है.