दोस्त की पत्नी से शादी करने के लिए रची मर्डर की साजिश, 2 नाबालिगों को दी 2 लाख की सुपारी, 7 गिरफ्तार
Delhi Sonia Vihar Murder: दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में मर्डर का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक मनीष यादव की हत्या उसके दोस्त ने इसलिए कर दी क्योंकि वो उसकी वाइफ से शादी करना चाहता था.
मनीष यादव मर्डर केस के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में (Photo-Youtube/Satyamev Police)
Manish Yadav Murder Case: दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार में 34 साल के पेट्रोल पंप कर्मचारी मनीष यादव की हत्या के मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2 नाबालिगों को पकड़ा है. जांचकर्ताओं का दावा है कि इस मर्डर की साजिश उसके दोस्त उमेश मौर्य ने रची थी. बताया जा रहा है कि मौर्य, यादव की पत्नी से शादी करना चाहता था और उसने इसके लिए 2 लाख रुपये देकर 2 नाबालिग शूटरों को काम पर रखा था.
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CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड से खुलासा
13 अक्टूबर 2026 को 4.5 पुश्ता इलाके के पास मनीष यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसे सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, पैसों के लेन-देन और लोगों के बयानों की पड़ताल की गई. विवेक सिंह, जिसने सबसे पहले पुलिस को गोलीबारी की सूचना दी थी, जांचकर्ताओं को उसके बयानों में कुछ गड़बड़ी दिखी, जिससे वो शक के दायरे में आ गया. पूछताछ के दौरान, पुलिस ने साजिश में उसके रोल का पता लगाया. पुलिस ने बताया कि फायरिंग से कुछ समय पहले मौर्य ने यादव से संपर्क किया था ताकि उसे उसके घर से बाहर बुलाया जा सके.
पुलिस ने बताया कि उमेश मौर्य की शादीशुदा जिंदगी खराब चल रही थी और कोर्ट में तलाक का मामला चल रहा था. उसने मनीष यादव को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया क्योंकि वो अपने दोस्त की पत्नी से शादी करना चाहता था, जिसे वो उसकी शादी से पहले से ही जानता था. जांचकर्ताओं का आरोप है कि मौर्य और सिंह ने 2 नाबालिगों के साथ मिलकर ये साजिश रची थी. 10 अक्टूबर को भी हत्या की एक कोशिश की गई थी, जो नाकाम रही क्योंकि यादव प्लान के मुताबिक घर से बाहर नहीं आया था. मर्डर वाले दिन, मौर्य ने पैसों के बहाने यादव को बाहर बुलाया. जैसे ही वो पैसे लौटाने के लिए बाहर आया, 2 नाबालिगों ने उसे गोली मार दी.
बाकी आरोपियों की पहचान आनंद, नितिन उर्फ नरेंद्र और भीम सिंह के रूप में हुई है. पुलिस को शक है कि भीम सिंह ने पिस्तौल मुहैया कराई थी, जबकि नितिन ने आरोपियों के बीच मुलाकात कराने में मदद की थी. पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 2 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस अब पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है और ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में यादव की पत्नी का भी कोई रोल था.