Zepto Free Delivery Rule Change: अब फ्री डिलीवरी के लिए करना होगा 199 रुपये का ऑर्डर, जानें पूरी खबर
Author: Vandana Bharti
Aug 19, 2026 02:07 PM IST
अगर आप भी ग्रॉसरी या घर का छोटा-मोटा सामान मंगाने के लिए Zepto ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाली है. Zepto ने अपने ग्राहकों के लिए फ्री डिलीवरी (Free Delivery) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है.
कंपनी ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू बढ़ा दी है. यानी अब कम रुपये का सामान मंगाने पर आपको डिलीवरी चार्ज देना पड़ सकता है.
Zepto ने बदला फ्री डिलीवरी का नियम
अगर आप Zepto से फ्री डिलीवरी चाहते हैं, तो अब आपको कम से कम 199 रुपये का ऑर्डर करना होगा. पहले यह लिमिट 149 थी. इस बढ़ोतरी के साथ ही Zepto की मिनिमम ऑर्डर वैल्यू अब Blinkit और Swiggy Instamart के बराबर हो गई है. जब ज्यादा डिमांड वाले घंटे (Peak Hours) होते हैं, तब फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर की सीमा 299 रुपये तक पहुंच जाती है.
अगर आप सिर्फ एक-दो छोटी चीजें (जैसे दूध का पैकेट या ब्रेड) मंगाते थे, तो अब आपको या तो डिलीवरी फीस देनी होगी या फिर कार्ट में ज्यादा सामान जोड़ना पड़ेगा.
देश में रोजाना 90 लाख से ज्यादा ऑर्डर
क्विक-कॉमर्स (10 मिनट में डिलीवरी) का क्रेज भारत में किस कदर बढ़ा है, इसका अंदाजा डेटा से लगाया जा सकता है. Datum Intelligence के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 6 बड़े प्लेटफॉर्म्स मिलकर रोजाना 90 लाख से 95 लाख ऑर्डर्स डिलीवर कर रहे हैं.
कौन सा प्लेटफॉर्म कितना आगे?
Blinkit: 34 से 36 लाख ऑर्डर (मार्केट लीडर)
Zepto: 24 से 26 लाख ऑर्डर
Swiggy Instamart: 13 से 14.5 लाख ऑर्डर
Flipkart Minutes: 10 लाख से ज्यादा ऑर्डर
Amazon Now: 6 से 7 लाख ऑर्डर
BigBasket: 5 से 6 लाख ऑर्डर
Zepto के IPO पर क्या बोल रहे हैं एक्सपर्ट्स?
एक तरफ जहां कंपनी अपनी प्रति ऑर्डर कमाई बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके आईपीओ (IPO) को लेकर बाजार में चर्चा गरम है. जानकारों की मानें तो Zepto का IPO प्लान अभी जल्दबाजी हो सकता है. वैल्यूएशन की चिंताओं के कारण कंपनी ने अपनी लिस्टिंग फिलहाल टाल दी है. Zepto पहले जहां 7 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर IPO की योजना बना रही थी, वहीं अब इसे घटाकर 2.5 से 3 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर लाने पर विचार चल रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियों को शेयर बाजार में तभी उतरना चाहिए जब वे मुनाफे (Profitability) में हों.
क्विक-कॉमर्स कंपनियां अब सिर्फ डिलीवरी स्पीड पर नहीं, बल्कि अपनी कमाई और लॉजिस्टिक्स खर्च के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान दे रही हैं. Zepto का यह फैसला भले ही ग्राहकों की जेब पर थोड़ा भारी पड़े, लेकिन कंपनी के लिए प्रति ऑर्डर मुनाफा बढ़ाने में यह मददगार साबित हो सकता है.