Acche Din for Oil Companies: ऑयल कंपनियों के लिए कल यानी सोमवार का दिन शानदार रहा। सरकार द्वारा विंडफॉल टैक्स खत्म करने की खबर के चलते उनके शेयरों में जान आ गई। इस टैक्स के खत्म होने का मतलब है कि कंपनियों की जेब में अब पहले से ज्यादा पैसा बचेगा। सरकार के इस फैसले को तेल कंपनियों के अच्छे दिन के रूप में देखा जा रहा है। ONGC, रिलायंस और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत है।
इसलिए लगाया था टैक्स
चलिए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर इस टैक्स का खत्म होना कंपनियों की आर्थिक सेहत के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है। विंडफॉल टैक्स एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF), क्रूड प्रोडक्ट्स, पेट्रोल और डीजल उत्पादों के एक्सपोर्ट पर लगाया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा टैक्स है, जो घरेलू स्तर पर क्रूड उत्पादक कंपनियों के एक तय सीमा से अधिक मुनाफे पर लगता है। सरकार ने सबसे पहले इस टैक्स को जुलाई 2022 में लगाया था। ये वो समय था जब कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर थीं। इसका फायदा उठाने के लिए कंपनियों ने निर्यात बढ़ा दिया था। सरकार उनके भारी प्रॉफिट में से कुछ रिवेन्यु प्राप्त करना चाहती थी, इसलिए यह टैक्स लगाया गया था।
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जेब में बचेगा अतिरिक्त पैसा
अब जब कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, तो घरेलू कंपनियां उतने बड़े पैमाने पर निर्यात नहीं कर रही हैं। ऐसे में उनकी तरफ से विंडफॉल टैक्स खत्म करने की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। विंडफॉल टैक्स के पूरी तरह खत्म होने से कंपनियों का एक अतिरिक्त खर्चा बच गया है। भले ही उनके एक्सपोर्ट का रेश्यो पहले जैसा न हो, लेकिन एक्सपोर्ट जारी है पर अब उन्हें इस पर टैक्स नहीं देना होगा। इसलिए सरकार के इस कदम को तेल कंपनियों के लिए अच्छे दिन माना जा रहा है।
इतना करते हैं एक्सपोर्ट
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) देश के सबसे बड़े तेल एवं गैस उत्पादकों में से एक है। वर्ष 2022-23 में, RIL ने वैश्विक स्तर पर 36.1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया था। RIL की गुजरात के जामनगर स्थित रिफाइनरी प्रतिदिन 1.36 मिलियन बैरल कच्चा तेल प्रोसेस करती है। वहीं, ONGC भी बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करती है। सितंबर 2024 में कंपनी के पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट्स निर्यात में 2023 के इसी महीने के मुकाबले 34.9% की वृद्धि दर्ज हुई है। भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर ऑयल प्रोडक्ट्स निर्यात करती हैं। 2023-2024 में भारत का पेट्रोलियम निर्यात वॉल्यूम के मामले में 46% और वैल्यू के लिहाज से 26% अधिक रहा है।
मजबूत होगी बैलेंसशीट
इस टैक्स के खत्म होने से ऑयल कपनियों की बैलेंसशीट मजबूत होने की संभावना है। ऐसे में आपके पास भी उनकी मजबूती से अपनी आर्थिक सेहत को कुछ मजबूत करने का मौका बन सकता है। दरअसल, विंडफॉल टैक्स खत्म होने की खबर आम होते ही रिलायंस के शेयरों में कल तेजी देखने को मिली थी। आज भी कंपनी के शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। इसी तरह, Oil and Natural Gas Corporation यानी ONGC के शेयरों में भी तेजी का माहौल है। खबर लिखे जाने तक ये शेयर करीब ढाई प्रतिशत की बढ़त के साथ 263.55 रुपए पर कारोबार कर रहा था। Oil India के शेयर भी ग्रीन जोन में हैं।
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