Windfall Tax: अगस्त महीने के पहले केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने क्रूड ऑयल पर विंडफॉल टैक्स में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। क्रूड पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स 1,600 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 4250 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। यानी क्रूड ऑयल पर विंडफॉल टैक्स में दोगुना से अधिक की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि पेट्रोल और ATF के विंडफॉल टैक्स में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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इसके साथ ही सरकार ने डीजल के निर्यात पर भी शुल्क शून्य से बढ़ाकर एक रुपये प्रति लीटर करने का फैसला किया है। बढ़ी हुई दरें आज से लागू हो गई हैं।

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दरअसल केंद्र सरकार ने कच्चे तेल के उत्पादन और एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) को लगाने का 1 जुलाई 2022 को फैसला लिया था। इसके बाद से सरकार की ओर से हर 15 दिनों पर इसकी समीझा की जाती है। इससे पहले सरकार ने 15 जुलाई को पेट्रोलियम क्रूड के उत्पादन पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति टन पर कर दिया था।

आपको बता दें कि सरकार घरेलू तेल कंपनियों के पेट्रोल, डीजल, गैसोलीन, एविएशन फ्यूल और पेट्रोलियम क्रूड के एक्सोर्ट पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) लगाती है। दरअसल इसके जरिए सरकार निजी तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में अपना उत्पाद बेचने के लिए प्रेरित करती है। दरअसल तेल कंपनियां देश में तेल बेचने की बजाए विदेशी बाजारों में बेचकर बड़ा रिफाइनिंग मार्जिन हासिल करती है।

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सरकार ने घरेलू कंपनियों के मुनाफे पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) इसलिए लगाती है ताकि ये तेल कंपनियां घरेलू बाजार में अपने पेट्रोलियम उत्पाद बेचने के लिए प्रेरित हो सकें।

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