विझिंजम पोर्ट से EXIM ऑपरेशन्स का शानदार आगाज! जानिए भारत के समुद्री व्यापार के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक पल
Author: Vandana Bharti
Aug 18, 2026 02:41 PM IST
भारतीय समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए 18 अगस्त 2026 का दिन एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है. तिरुवनंतपुरम स्थित विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट से आधिकारिक रूप से फुल-फ्लेज्ड एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट (EXIM यानी आयात-निर्यात) ऑपरेशन्स की शुरुआत हो गई है.
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी और अडाणी पोर्ट्स (APSEZ) के सीईओ अश्वनी गुप्ता समेत कई गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में इसका भव्य शुभारंभ हुआ.
विदेशों पर निर्भरता होगी खत्म, बचेगा करोड़ों का विदेशी पैसा
अब तक भारत का 75% से ज्यादा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट का काम सिंगापुर, कोलंबो या दुबई जैसे विदेशी पोर्ट्स के जरिए होता था. इससे भारतीय कारोबारियों का समय और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (भाड़ा) काफी ज्यादा लगता था. विझिंजम में EXIM ऑपरेशन्स चालू होने से अब सीधी शिपिंग होगी, जिससे समय और पैसा दोनों बचेंगे.
अडाणी ग्रुप का 30000 करोड़ रुपये का मेगा प्लान
अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा कि यह पोर्ट सिर्फ माल की आवाजाही के लिए नहीं, बल्कि भारत को समुद्री व्यापार में दुनिया का लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
चरण 2 (Phase 2) में 16000 करोड़ रुपये का निवेश: इस दूसरे चरण के बाद पोर्ट की क्षमता बढ़कर 5.7 मिलियन TEUs हो जाएगी.
कुल निवेश 30000 करोड़ रुपये : अडाणी ग्रुप द्वारा केरल में किया जाने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश होगा.
दिसंबर 2028 तक पूरा लक्ष्य: फेज 2 का काम दिसंबर 2028 तक पूरा करने की योजना है, जिसके तहत स्थायी रेल कनेक्टिविटी, नए लॉजिस्टिक्स पार्क और 1200 मीटर का नया बर्थ बनाया जाएगा.
मिशन समुद्र और रिंग रोड के लिए 3200 करोड़ रुपये
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि विझिंजम अब दुनिया के लिए भारत का नया प्रवेश द्वार (Gateway) है. सरकार इस पोर्ट के इर्द-गिर्द मिशन समुद्र योजना के तहत औद्योगिक विकास करेगी. पोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रिंग रोड के जमीन अधिग्रहण हेतु सरकार 3200 करोड़ आवंटित करेगी.
5000 से ज्यादा नई नौकरियों का रास्ता साफ
विझिंजम पोर्ट का सीधा फायदा केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के औद्योगिक शहरों जैसे बेंगलुरु, कोयंबटूर और तिरुपुर के मैन्युफैक्चरिंग हब को मिलेगा. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5000 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इसके साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में व्यापार को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी.
विझिंजम पोर्ट का अब तक का शानदार प्रदर्शन
3 दिसंबर 2024 को कमर्शियल ऑपरेशन्स शुरू करने के बाद से इस पोर्ट ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं. अब तक 2.28 मिलियन TEUs और 1,100 से अधिक जहाजों को हैंडल किया गया. दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों में से एक MSC Irina (24346 TEU क्षमता वाला 399.99 मीटर लंबा जहाज) भी इसी पोर्ट पर लंगर डाल चुका है.
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट से EXIM ऑपरेशन्स का आगाज भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक समुद्री व्यापार में एक प्रमुख शक्ति बनाने का बड़ा आधार तैयार करेगा. इससे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होगी, बल्कि दक्षिण भारत के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी और तेज पहुंच मिलेगी.