केरल और पूरे देश के समुद्री व्यापार के लिए एक नया अध्याय शुरू हो चुका है. केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) से व्यावसायिक रूप से आयात-निर्यात यानी EXIM (Export-Import) ऑपरेशन्स की आधिकारिक शुरुआत हो गई है. केरल के मुख्यमंत्री ने दो कंटेनरों को हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक शुरुआत का उद्घाटन किया. इस मौके पर राज्य के उद्योग मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे.
मिशन समुद्र (Mission Samudra) का होगा शुभारंभ
EXIM ऑपरेशन्स की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार मिशन समुद्र (Mission Samudra) की भी शुरुआत करने जा रही है. यह पोर्ट-आधारित औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास (Port-Led Industrial Development) की एक विशेष योजना है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
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स्पेन के वालेंसिया भेजा गया था पहला ट्रायल कंटेनर
पूर्ण रूप से आयात-निर्यात शुरू करने से पहले पोर्ट पर एक सफल ट्रायल रन किया गया था, जिसके तहत विझिंजम से पहला एक्सपोर्ट कंटेनर स्पेन के वालेंसिया (Valencia) भेजा गया था. ट्रायल सफल होने के बाद अब यहां से नियमित व्यापार शुरू कर दिया गया है.
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अडाणी ग्रुप और PPP मॉडल का कमाल
विझिंजम सीपोर्ट को अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है. इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 8867 करोड़ रुपये की लागत आई है. यह देश का पहला ऐसा डीप-वॉटर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, जहां दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाज (Mother Vessels) आसानी से आ सकते हैं.
अब तक भारतीय जहाजों को कोलंबो या सिंगापुर जैसे विदेशी पोर्ट्स पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब विझिंजम के शुरू होने से समय और पैसा दोनों बचेंगे. विझिंजम पोर्ट सिर्फ केरल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का हब बनाने की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक है. आने वाले समय में यह बंदरगाह देश के आर्थिक विकास को एक नई गति देगा.
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