Vizhinjam Port EXIM Operations: विझिंजम पोर्ट पर आज से शुरू हुआ फुल-स्केल EXIM कार्गो ऑपरेशन, जानें फायदे
Author: Vandana Bharti
Aug 18, 2026 11:34 AM IST
भारत के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए आज का दिन एक एतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है. केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) पर आज सुबह 10:30 बजे फुल-स्केल EXIM (Export-Import) कार्गो ऑपरेशन्स का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही भारत अब वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब के नक्शे पर और अधिक मजबूती से उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है.
भारत का पहला मदर-शिप ट्रांसशिपमेंट पोर्ट
विझिंजम पोर्ट भारत का पहला ऐसा डीप-वॉटर (गहरे पानी का) कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, जहां दुनिया के सबसे बड़े मदर वेसल्स (विशालकाय मालवाहक जहाज) आसानी से लंगर डाल सकते हैं. इस पोर्ट की प्राकृतिक गहराई लगभग 20 मीटर है, जिससे बड़े जहाजों को बिना किसी अड़चन के डॉक करने की सुविधा मिलती है.
अब तक भारत के बड़े कार्गो जहाजों को कोलंबो, सिंगापुर या दुबई जैसे विदेशी पोर्ट्स पर रुकना पड़ता था. विझिंजम पर ऑपरेशन्स शुरू होने से भारतीय व्यापारियों का समय और शिपिंग कॉस्ट दोनों काफी कम होंगे.
EXIM कार्गो ऑपरेशन्स से क्या बदलेगा?
आज से शुरू हो रहे फुल-स्केल EXIM ऑपरेशन्स का सीधा मतलब यह है कि अब इस पोर्ट से हर तरह का आयात (Import) और निर्यात (Export) व्यावसायिक स्तर पर सुचारू रूप से चलेगा. आधुनिक ऑटोमेटेड क्रेन और डिजिटल कस्टम्स सिस्टम के जरिए कंटेनरों की लोडिंग-अनलोडिंग रिकॉर्ड समय में होगी. पोर्ट ऑपरेशन्स के पूर्ण रूप से चालू होने से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट पर फुल-स्केल EXIM ऑपरेशन्स की शुरुआत सिर्फ केरल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के आर्थिक और व्यापारिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है. आने वाले समय में यह पोर्ट भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.