भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार के दौरान अचानक से ऐसा जबरदस्त भूचाल आया कि निवेशकों के चेहरे खिल उठे. शुरुआती सुस्ती के बाद बाजार में ऐसी तूफानी तेजी आई कि देखते ही देखते सेंसेक्स 600 से अधिक अंकों की छलांग लगा गया, वहीं निफ्टी ने भी 150 अंकों से ज्यादा की जोरदार बढ़त बना ली. शेयर बाजार में आई इस अचानक रफ्तार और हर तरफ मचे गदर के पीछे अमेरिका से आया एक बहुत बड़ा फैसला और ग्लोबल मार्केट के कई पॉजिटिव संकेत हैं.
जानिये बाजार में अचानक यह तेजी क्यों आई, किन शेयरों ने सबसे ज्यादा गदर मचाया और इसके पीछे की 3 मुख्य वजहें क्या हैं.
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल?
कारोबार की शुरुआत में बाजार सुस्त था और दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए थे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद 73,246 के मुकाबले हल्की बढ़त के साथ 73,268 पर खुला था. लेकिन घंटेभर के भीतर ही खेल पूरी तरह पलट गया और सेंसेक्स रॉकेट की रफ्तार पकड़ते हुए 73,862 के ऊपरी स्तर पर जा पहुंचा. ठीक इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी पिछले बंद 22,690 से छलांग लगाकर 22,874 के लेवल पर ट्रेड करने लगा.
किन शेयरों ने मचाया सबसे ज्यादा गदर?
बाजार की इस जबरदस्त रैली में दिग्गज और चुनिंदा शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया:
लार्जकैप शेयर : अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) में 4.10%, पावर ग्रिड (Power Grid) में 4.05%, कोटक बैंक (Kotak Bank) में 3.10%, आईटीसी (ITC) में 2.50%, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) में 2.10% और जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के शेयरों में 4.10% तक की जोरदार तेजी देखने को मिली.
मिडकैप शेयर : अपोलोपाइप्स (Apl Apollo) में 3%, पेटीएम (Paytm) में 2.90% और नायका (Nykaa) में 2% की उछाल दर्ज की गई.
स्मॉलकैप शेयर : यहां अकुटास (Acutaas) में 6.50%, ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग (GESHIP) में 5%, मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram) में 4.50% और सिटी यूनियन बैंक (CUB) के शेयरों में 4.20% की तेजी रही.
शेयर बाजार में अचानक आई इस तूफानी तेजी के 3 बड़े कारण
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजहें हैं:
US Fed का बड़ा फैसला (ब्याज दरों में स्थिरता): अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने बुधवार को अपनी मौद्रिक नीति में बड़ा ऐलान करते हुए नीतिगत ब्याज दरों (Policy Rates) में कोई बदलाव नहीं किया है. यूएस फेड ने ब्याज दरों को 3.75% से 4% के दायरे में स्थिर रखा है, जिससे ग्लोबल मार्केट को बड़ी राहत मिली है.
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट: ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें गिरकर 113 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं. तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों की इकोनॉमी पर दबाव कम होता है, जो बाजार के लिए बहुत पॉजिटिव संकेत है.
विदेशी निवेशकों (FPIs) की वापसी: घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) का सेंटीमेंट सुधरा है. बीते कारोबारी सत्र में FPIs ने भारतीय बाजार में करीब 900 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे मार्केट में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.