UP Government Compensation Hike: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगा अब बंपर मुआवजा; जानें ड‍िटेल

UP Natural Calamity Compensation Update 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने आपदा राहत राशि में बड़ा इजाफा किया है. मौत पर मुआवजा 4 लाख से बढ़कर 8 लाख हुआ. फसल, पशुधन और मकान नुकसान के नए रेट्स पढ़ें.

UP Disaster Relief Fund 2026

यूपी में आपदा राहत राशि दोगुनी कर दी गई है. मौत पर 8 लाख मिलेंगे. (फोटो - ANI)

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसानों और आम जनता के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने आपदा मोचन निधि के तहत मिलने वाली सहायता राशि में भारी बढ़ोतरी कर दी है. अब प्राकृतिक आपदा के दौरान किसी व्यक्ति की मौत होने पर मिलने वाली मुआवजा राशि को 4 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधा 8 लाख रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा फसल नुकसान, पशुहानि, टूटे हुए मकानों और खेतों की मरम्मत के लिए मिलने वाले मुआवजे में भी उल्लेखनीय इजाफा किया गया है. जान‍िये योगी सरकार के इस नए फैसले से प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा किसानों और प्रभावित परिवारों को क्या-क्या लाभ मिलने वाला है.

विज्ञापन
विज्ञापन

10 लाख से अधिक किसानों और परिवारों को मिलेगा फायदा

सरकार के इस नए आदेश के तहत 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच हुई किसी भी प्राकृतिक क्षति पर भी ये नए मानक लागू होंगे. इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों और आपदा पीड़ित परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा.

मौत और पशुधन नुकसान पर मिलने वाली नई सहायता राशि
आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों को अब 4 लाख की जगह 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. बड़े पशुओं की मौत पर सहायता राशि 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है. छोटे पशु जैसे बकरी, भेड़, सूअर आद‍ि छोटे पशुओं के नुकसान पर 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये मिलेंगे. भारवाहक पशु जैसे घोड़े, खच्चर के लिए सहायता 20,000 से बढ़ाकर 25,400 रुपये कर दी गई है. पोल्ट्री फार्म में मुर्गीपालकों को प्रति पक्षी 100 रुपये की जगह 130 रुपये की मदद मिलेगी.

विज्ञापन

फसल और रेशम उत्पादन के नुकसान पर मुआवजा
किसानों की फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी मुआवजा बढ़ाया गया है.

सिंचित भूमि की फसल: मुआवजा 17,000 से बढ़ाकर 22,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है.
वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र: अब 8,500 की जगह 11,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे.
बारहमासी फसल और वानिकी: इस नुकसान पर सहायता 22,500 से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर होगी.
रेशम उत्पादक किसान: एरी, शहतूत और टसर रेशम पर 6,000 से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर, तथा मूगा रेशम पर 7,500 से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता दी जाएगी.

विज्ञापन

कृषि भूमि सुधार, मकान और स्कूल मरम्मत के लिए सहायता
खेतों की उपजाऊ मिट्टी बचाने और गाद हटाने के लिए अब 18,000 की जगह 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे. भूस्खलन या हिमस्खलन से भूमि खराब होने पर मदद 47,000 से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है. मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये दिए जाएंगे. मैदानी इलाकों में आंशिक क्षति पर 93 हजार रुपये मिलेंगे. आपदा से प्रभावित प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये और इंटर कॉलेज व पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ