Budget 2025 for Railways: केंद्रीय वित्त मंत्री रेलवे सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे को 252200 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है। लगभग इतना ही बजट उन्होंने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अप्रूव किया था। रेलवे के अनुसार इस बार 3 हजार करोड़ का फंड इंटरनल सोर्स से जुटाया जाएगा। वहीं, 10 हजार करोड़ रुपये PPP मॉडल से जुटाए जाएंगे। इस तरह रेलवे इस वित्त वर्ष के लिए 265200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूरा करेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार रेलवे की प्राथमिकता सेफ्टी है।
इसके लिए लगभग 116514 करोड़ रुपये के फंड का लक्ष्य तय किया गया है। कवच वर्जन 4.0 को रेल इंजनों और ट्रैकों पर इंस्टॉल किया जा रहा है। इस साल ये काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक रूटों पर काम पूरा किया जा सके। अभी तक लगभग 10 हजार इंजनों में कवच लगाने का काम पूरा हो चुका है।
आने वाले 4 साल में रेलवे 1300 से अधिक स्टेशनों का कायाकल्प करेगा। यात्रियों को दो साइड से एंट्री, हाई लेवल पार्किंग, एग्जिट और अन्य सुविधाएं देने के लिए रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है। अगले 10 साल में रेलवे ने 31 हजार किलोमीटर नए ट्रैक बिछाने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली से कोलकाता और दिल्ली से मुंबई ट्रैक पर इस साल दिसंबर तक रेल कवच लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा पैसेंजर्स की सेफ्टी के लिए और भी काम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। रेलवे का लक्ष्य इस साल के अंत तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा करने का है।
इंटरसिटी में रेलवे की नमो भारत ट्रेन कामयाब रही है, जिसके बाद अब 50 ऐसी नई ट्रेनें बनाने का टारगेट भी रखा गया है। यात्रियों को अच्छा और सेहतमंद खाना मिले, इसके लिए 900 बेस किचन बनाने का टारगेट रखा गया है। इनमें से 600 को कमीशन मिल चुका है। रेलवे इस वित्त वर्ष में 1600 इलेक्ट्रिक और 100 डीजल इंजन बनाएगा। रेलवे ने इस साल 9423 कोच और 38 हजार वैगन बनाने की प्लानिंग भी की है। 5500 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को रिन्यूअल किया जाएगा। इसके अलावा 1 हजार फ्लाईओवर, 7 हजार किलोमीटर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भी बनाया जाएगा।
17500 नॉन AC जनरल कोच बनाने की योजना
रेलवे यात्रियों को सुविधाएं देने के लिए 17500 नॉन AC जनरल और स्लीपर कोच बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके अलावा रेलवे ने 50 वंदे भारत स्लीपर, 100 अमृत भारत ट्रेन बनाने का लक्ष्य रखा है। रेलवे ने 2026-27 में 200 वंदे भारत स्लीपर और चेयर कार बनाने की योजना बनाई है। इस वित्त वर्ष में रेलवे को 301300 करोड़ की आमदनी और 299058 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस साल रेलवे यात्रियों के किराये से 92800 करोड़ की कमाई कर सकता है। मालभाड़े से भी रेलवे को 188000 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है। नए वित्त वर्ष में रेलवे कई बड़ी योजनाओं पर काम करेगा।