Union Budget 2025: 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर शेयर मार्केट की भी नजर रहेगी। मार्केट में निवेश करने वाले वित्त मंत्री से कैपिटल गेन टैक्स में कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर निर्मला सीतारमण कैपिटल गेन टैक्स में कुछ कटौती करती हैं, तो इससे मार्केट को बूस्ट मिलेगा जिसकी उसे बेहद जरूरत है।
क्या और कितना है टैक्स?
किसी भी पूंजी या संपत्ति को बेचकर हुए मुनाफे में लगने वाला टैक्स कैपिटल गेन टैक्स है। इसमें स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड और रियल एस्टेट भी शामिल हैं। लंबे समय तक मिली छूट के बाद 2018 में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स फिर से शुरू किया गया था। उस वर्ष, सरकार ने स्टॉक और इक्विटी म्यूचुअल फंड की बिक्री से 1 लाख रुपये से अधिक के रिटर्न पर 10% कर लगाया था। पिछले बजट में शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों कैपिटल गेन पर टैक्स में इजाफा किया गया। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) पर टैक्स को 15% से 20% किया गया। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के मामले में इसे 12.5% किया गया और 1 लाख छूट के दायरे को बढ़ाकर 1.25 लाख कर दिया गया।
चीन में क्या हैं हाल?
कई दूसरे देशों की तुलना में भारत में कैपिटल गेन टैक्स काफी ज्यादा है, वहीं कुछ के मुकाबले कम भी है। उदाहरण के तौर पर, चीन में 20% और ब्राजील में 22.5% टैक्स लगता है। जबकि सिंगापुर और UAE में कोई टैक्स नहीं है, इस वजह से यहां के मार्केट निवेशकों को अधिक आकर्षित करते हैं। पिछले साल के आखिरी कुछ समय से भारतीय स्टॉक मार्केट में सुस्ती बनी हुई है। इसकी एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा की जा रही बिकवाली है। हमारा बाजार अपने पीक से करीब 12% गिर चुका है। ऐसे में अगर बजट में उम्मीद के विपरीत कैपिटल गेन टैक्स बढ़ाने का ऐलान होता है, तो मुश्किल और बढ़ जाएगी।
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टैक्स देखते हैं विदेशी निवेशक
एक्सपर्ट्स के अनुसार, विदेशी निवेशक निवेश से पहले टैक्स पर ध्यान देते हैं। यदि भारत लगातार टैक्स में बढ़ोतरी करता रहा, तो निवेशक यहां पैसा लगाने में खास दिलचस्पी नहीं दिखाएंगे। उनका कहना है कि स्टॉक मार्केट पहले से ही दबाव में है। ऐसे में टैक्स में मामूली कमी भी उसके लिए बूस्ट का काम कर सकती है। इसके उलट बढ़ोतरी बाजार की चाल को बुरी तरह प्रभावित करेगी।
किस तरह मिलेगा फायदा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कैपिटल गेन टैक्स में कमी की सूरत में घरेलू निवेशक ज्यादा पैसा इन्वेस्ट करने के लिए आकर्षित होंगे, जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली से खाली हुई जगह को कुछ हद तक भरने में मदद मिलेगी। विदेशी फंड फ्लो भी बढ़ सकता है, क्योंकि FIIs के लिए भारतीय मार्केट अधिक आकर्षक हो जाएगा। 29 जनवरी को भी FIIs ने कैश में 2586.43 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। जबकि घरेलू निवेशकों ने 1792.71 करोड़ रुपये की खरीदारी की है।
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