अगर आप भी ट्रेन में सफर करते समय मोबाइल के स्पीकर पर तेज आवाज में गाने सुनते हैं, रील्स देखते हैं या ऊंची आवाज में फोन पर बातें करते हैं, तो अब संभल जाइए. ट्रेन में साथी यात्रियों को डिस्टर्ब करना आपको काफी भारी पड़ सकता है. दक्षिण रेलवे (Southern Railway) ने अपने सभी डिवीजनों को तेज आवाज में स्पीकर बजाने या शोर मचाने वाले यात्रियों पर कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं. रेलवे का यह नया नियम क्या है और ऐसा करने पर आपके खिलाफ क्या-क्या कार्रवाई हो सकती है, यहां जान लीजिए.
तेज आवाज में बात की या रील चलाई तो क्या होगा?
दक्षिण रेलवे ने साफ किया है कि ट्रेन के अंदर मोबाइल फोन के स्पीकर पर तेज आवाज में रील, गाने या वीडियो चलाकर दूसरे यात्रियों को परेशान करना कानूनन अपराध है. यही नहीं, अगर आप फोन पर भी बहु त तेज आवाज में बातचीत करते हैं तो आप पर कार्रवाई की जा सकती है. रेलवे ने अपने सभी डिवीजनों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में रेलवे एक्ट की धारा 145(2) के तहत कार्रवाई की जाए. इसके तहत यात्रियों पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
जन विश्वास एक्ट के तहत सख्त हुए नियम
जन विश्वास एक्ट के तहत संशोधित ये नियम 19 जून से लागू हो चुके हैं. इसके तहत ट्रेन या रेलवे परिसर में उपद्रव या किसी भी तरह की अशांति फैलाने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा. नियम का उल्लंघन करने वाले संबंधित व्यक्ति को ट्रेन या रेलवे स्टेशन परिसर से बाहर निकाला जा सकता है. यहां तक कि रेलवे अधिकारी ऐसे उपद्रवी यात्रियों का ट्रेन टिकट या रेलवे पास भी जब्त कर सकते हैं.
यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह
रेलवे का यह फैसला ट्रेन में सफर करने वाले सह-यात्रियों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों की सुविधा और शांति को ध्यान में रखकर लिया गया है. सफर के दौरान जब भी मोबाइल पर गाने सुनें या वीडियो देखें, हमेशा ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करें और फोन पर सीमित व धीमी आवाज में बात करें.