सावधान! पोस्ट लाइक करने से भी जा सकती है नौकरी, कर्मचारी ने शेयर की आपबीती

Toxic Workplace: सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट को लाइक करना आम बात है। लेकिन क्या हो जब एक लाइक करने की वजह से आपकी नौकरी ही चली जाए? ऐसा ही एक कर्मचारी के साथ उसकी कंपनी ने किया, जिसके बारे में उसने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

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Toxic Workplace: अपनी बात रखने के लिए आज के दौर में सबसे अच्छा सोशल मीडिया है। जहां पर यूजर्स अपनी बात दूसरों तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। आमतौर पर दिनभर में कई ऐसी पोस्ट सामने आती हैं जो खुद से जुड़ी महसूस होती हैं। इस पोस्ट पर यूजर्स लाइक, कमेंट करते हैं। लेकिन कई बार एक लाइक की वजह से आपको अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां पर एक पोस्ट लाइक करने की वजह से कंपनी ने अपने कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया।

पोस्ट लाइक करना पड़ा भारी

कार्यस्थलों पर मेंटल हेल्थ प्रभावित होने के कई मामले सामने आते हैं। ये एक बड़ा चर्चा का विषय है, जिसके लिए समय समय पर कर्मचारियों की काउंसलिंग के लिए कंपनियां भी काउंसलर बुलाती हैं। कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी कंपनी के कल्चर को लेकर आवाज उठाते हैं। अपने मेंटल स्टेटस पर बात करते हैं। इसी तरह की एक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर सामने आई, जिसको एक दूसरी यूजर ने लाइक कर दिया।

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ये कर्मचारी अपनी कंपनी के काम करने के तरीके से परेशान था। जिस स्थिति से वो जूझ रहा था, वैसी ही एक पोस्ट सामने आने पर उसने उसपर प्रतिक्रिया दी। अपना अनुभव शेयर करते हुए उस कर्मचारी ने सोशल मीडिया के एक प्लेटफॉर्म पर लिखा कि मैंने एक स्टार्टअप कंपनी में काम शुरू किया था, जहां पर काम को लेकर अजीब नियम बनाए गए थे। यहां पर मेरा जीवन नर्क बना दिया गया। हम अपने बॉस के सामने कुछ बोल नहीं सकते थे, इसी सब से में परेशान था।

उन्होंने आगे लिखा कि पोस्ट लाइक करने के अगले दिन ही मेरे पास सीईओ का फोन आया कि आपको निकाला जाता है। उनका कहना था कि मैं कंपनी के बारे में गलत चीजें फैला रहा हूं। कंपनी के इस तरह से निकालना ये दिखाता है कि वो कोई एक छोटी सी बात ढूंढ रहे थे ताकि मुझे निकाला जा सके।

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मेंटल हेल्थ पर नहीं होती बात

कर्मचारी का कहना है कि हम कार्यस्थल के मुद्दों के बारे में बोलने के बारे में बहुत बात करते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि अगर कोई मेंटल हेल्थ के मुद्दों के बारे में बात करता है तो अक्सर उसे अनदेखा कर दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या परिस्थितियां कितनी भी भयानक क्यों न हों, मुह बंद रखकर काम करना ही हमारी नियति है? मैं इतना डरा हुआ हूं कि मुझे लगता है कि अगली जगह जहां मैं काम करता हूं, वहां मैं बस इतना ही कर सकता हूं। चुप रहो- काम करो और पागलपन बर्दाश्त करो।

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लेखक के बारे में

Shabnaz

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
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