कपड़े से रिफाइनिंग और डिजिटल कारोबार तक, धीरूभाई अंबानी की विरासत ने निवेशकों को दिया 1600 गुना रिटर्न

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO रिलायंस की विरासत को सार्वजनिक निवेश से जोड़ने की संभावित अगली कड़ी है. हालांकि, IPO की समयसीमा, कीमत और निवेशकों के लिए शर्तों की पुष्टि आधिकारिक घोषणाओं से ही होगी.

Dhirubhai Ambani

1977 में रिलायंस के शेयरों में लगाए गए 1000 रुपये का मूल्य 2017 तक बढ़कर करीब 16.54 लाख रुपये हो गया था. (Photo: Reliance Industries Limited)

भारत के कारोबारी इतिहास में रिलायंस की कहानी एक ऐसे सफर की मिसाल है, जिसमें कारोबार के विस्तार के साथ आम निवेशकों की भागीदारी भी अहम रही है. धीरूभाई अंबानी ने जिस सोच के साथ कंपनी की नींव रखी, मुकेश अंबानी ने उसे नए उद्योगों और डिजिटल सेवाओं तक पहुंचाया. अब जियो (Joi) प्लेटफॉर्म्स के आगामी IPO को इसी विरासत के अगले अध्याय के तौर पर देखा जा रहा है. आकाश अंबानी की लीडरशिप में जियो की टेक्निकल पहचान और डिजिटल कारोबार के बीच आगामी आईपीओ अब चर्चा के केंद्र में आ गया है.

विज्ञापन

40 वर्षों में 1600 गुना से अधिक रिटर्न

साल 1977 में रिलायंस के IPO ने आम भारतीयों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर दिया. शुरुआती दौर में करीब 58 हजार शेयरधारकों की भागीदारी इस बात का संकेत थी कि छोटे निवेशक भी बड़े कारोबारी सपनों से जुड़ना चाहते थे. कंपनी ने 2017 की वार्षिक आम बैठक में बताया था कि 1977 में रिलायंस के शेयरों में लगाए गए 1000 रुपये का मूल्य 2017 तक बढ़कर करीब 16.54 लाख रुपये हो गया था. यह लगभग 40 वर्षों में 1,600 गुना से अधिक की रिटर्न था. हालांकि, यह गणना कंपनी के बताए ऐतिहासिक आंकड़ों पर आधारित है और इससे भविष्य में निवेश पर समान रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं मिलती.

विज्ञापन

कपड़े से रिफाइनिंग और डिजिटल कारोबार तक

रिलायंस ने कपड़ा कारोबार से शुरुआत कर पेट्रोकेमिकल्स, रिफाइनिंग और खुदरा क्षेत्र में अपना विस्तार किया. समय के साथ कंपनी की कारोबारी रणनीति बदली, लेकिन बड़े स्तर पर निवेश और नए अवसर तैयार करने की दिशा बनी रही. वर्ष 2024 में रिलायंस ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने की घोषणा भी की थी. इसके तहत पात्र शेयरधारकों को प्रत्येक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिला.

Joi ने इंटरनेट को आम लोगों तक पहुंचाया

वर्ष 2016 में जियो की शुरुआत ने भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई. किफायती डेटा और मुफ्त वॉयस कॉल के चलते इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा. ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान, मनोरंजन और छोटे कारोबारों को नए अवसर मिले. जियो की पहचान अब केवल सिम कार्ड या मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं है. डिजिटल कनेक्टिविटी, 5G और अन्य तकनीकी सेवाएं इसके व्यापक कारोबार का हिस्सा हैं. दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक जियो का ग्राहक आधार 52.4 करोड़ से अधिक था, जिनमें 26.8 करोड़ से ज्यादा ग्राहक 5G सेवाओं से जुड़े थे.

विज्ञापन

जियो IPO पर निवेशकों की नजर

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO रिलायंस की विरासत को सार्वजनिक निवेश से जोड़ने की संभावित अगली कड़ी है. हालांकि, IPO की समयसीमा, कीमत और निवेशकों के लिए शर्तों की पुष्टि आधिकारिक घोषणाओं से ही होगी. धीरूभाई अंबानी से मुकेश अंबानी और अब आकाश अंबानी तक पहुंची यह कारोबारी यात्रा भारत के औद्योगिक विकास से जुड़ी रही है. अब जियो का संभावित IPO इसी कहानी में एक नया अध्याय जोड़ सकता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ