Swiggy व श्रम और रोजगार मंत्रालय के बीच एक खास डील हुई है, जिसके तहत देश में रोजगार के अधिक मौके पैदा होंगे। नौकरियां और स्वरोजगार आदि को बढ़ावा देने के लिए लगातार मंत्रालय की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। ये समझौता मंगलवार को हुआ है, जिसके तहत राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) के तहत स्विगी के साथ करार किया गया है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और अधिकारियों की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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मनसुख मांडविया ने बताया कि निजी सेक्टरों और विभिन्न संस्थानों के साथ मंत्रालय की ओर से समझौतों की प्रणाली शुरू की गई है। इन प्लेटफॉर्मों के साथ समझौते करने से दोनों पक्षों को फायदा पहुंच रहा है। इस बात की खुशी उनको है। औद्योगिक सेक्टर को मैनपावर की जरूरत है। वह यहीं से मिलेगी और जिन लोगों को जॉब्स की तलाश है, उनको एक अच्छा मंच भी उपलब्ध होगा।
500 शहरों में फैला स्विगी
स्विगी फिलहाल देश के 500 शहरों में अपनी सेवाएं दे रहा है। इससे लोगों को अच्छा रोजगार मिल रहा है। हम आगे भी रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेट कंपनियों के साथ करार कर रहे हैं। इस करार के कारण जिन कंपनियों को मैनपावर की जरूरत होगी, वह उनको मिल जाएगी। अगले 2-3 साल में स्विगी लाखों लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा, इसलिए वे उसका आभार व्यक्त करते हैं। स्विगी ने 12 लाख जॉब्स क्रिएट करने का टारगेट रखा है।
11 साल का सफर पूरा
स्विगी के ऑपरेशन इंचार्ज सलभ श्रीवास्तव ने भी मामले में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के साथ उनका करार हुआ है। उन्होंने मंत्री मनसुख मांडविया से एनसीएस को लेकर जानकारी ली है। इसके बाद वे काफी एक्साइट हैं। स्विगी एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए लोगों के लिए काफी रोजगार जेनरेट होता है। पिछले 11 साल में उनके साथ लाखों लोग जुड़े हैं, जो हमारे डिलीवरी पार्टनर बने है। आने वाले सालों में भी लाखों लोग उनसे जुड़ेंगे, ऐसा उनका विश्वास है। स्विगी चाहता है कि भारत के युवा बेरोजगार न रहे। वे लोग सरकार के विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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