Sugar Price Hike: त्योहारों के बीच चीनी ने बिगाड़ा रसोई का बजट! 1 महीने में इतने बढ़े दाम, जानें कोलकाता-दिल्ली समेत अपने शहर का नया रेट
Sugar Price Hike Updates 2026: त्योहारों के सीजन में चीनी की रिटेल कीमतें 59.50 रुपये/KG पर पहुंच गई हैं. दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में चीनी के नए रेट्स, दाम बढ़ने की वजहें और क्रशिंग सीजन का अपडेट हिंदी में पढ़ें.
1 साल में चीनी सीधे 13 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है. (फोटो - एआई)
त्योहारों का सीजन हो और घर में मिठाइयों की बात न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. लेकिन इस बार दिवाली और छठ पूजा की तैयारियों के बीच रसोई के बजट को लेकर एक परेशान करने वाली खबर आ रही है. बाजार में चीनी की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखा जा रहा है, जिससे त्योहारों की मिठास थोड़ी कड़वी और महंगी हो गई है. सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए तमाम कदमों के बावजूद, पिछले एक महीने के भीतर चीनी के दाम 4 रुपये प्रति किलो से ज्यादा बढ़ चुके हैं. देश में चीनी का औसत खुदरा (Retail) भाव अब 59.50 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को छू रहा है.जानिये चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं, 1 साल में कितनी महंगाई बढ़ी है और देश के बड़े शहरों में आज चीनी किस रेट पर बिक रही है.
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1 साल में कितनी महंगी हुई चीनी?
अगर हम केवल पिछले एक महीने ही नहीं, बल्कि पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो चीनी की कीमतों में बड़ा अंतर आया है. आज चीनी का औसत रिटेल प्राइस 59.50 रुपये प्रति किलो है, जो ठीक एक साल पहले 46.50 रुपये प्रति किलो था. यानी 1 साल में चीनी सीधे 13 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है. थोक मंडी में चीनी का भाव 43.23 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55.40 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है.
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देश के प्रमुख महानगरों में चीनी की ताजा रेट लिस्ट देश के बड़े शहरों में चीनी की रिटेल कीमतों में काफी भिन्नता देखने को मिल रही है. आंकड़ों के मुताबिक, इस समय सबसे महंगी चीनी कोलकाता और दिल्ली में बिक रही है:
सरकार की कोशिशों के बावजूद क्यों बढ़ रहे हैं दाम? सरकार ने बाजार में चीनी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए स्टॉक लिमिट तय की है, आयात के विकल्पों पर काम किया है और पेराई सीजन को भी जल्दी शुरू करवाया है. इसके बावजूद कीमतें बढ़ने की 4 मुख्य वजहें हैं:
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उत्पादन में गिरावट: 2025-26 के सीजन में चीनी का कुल उत्पादन अनुमान से काफी कम रहा.
त्योहारों में रिकॉर्ड खपत: दिवाली, भैयादूज और छठ पूजा के दौरान घरों से लेकर हलवाइयों तक चीनी की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है.
फसल का नुकसान: मौसम की वजह से गन्ने की फसल को पहुंचे नुकसान ने भी सप्लाई को प्रभावित किया.
वैश्विक बाजार का दबाव: इंटरनेशनल मार्केट में सीमित सप्लाई और स्थानीय स्तर पर जमाखोरी की आशंका से भी कीमतें ऊपर बनी हुई हैं.
क्या आने वाले दिनों में सस्ती होगी चीनी? राहत की बात यह है कि देश में चीनी की सप्लाई सुधारने के लिए 2026-27 का नया क्रशिंग सीजन 8 अक्टूबर से ही शुरू कर दिया गया है. नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 तक देश की 152 चीनी मिलों ने उत्पादन शुरू कर दिया है. सीजन के पहले ही महीने में करीब 8.45 लाख टन चीनी का नया उत्पादन हो चुका है. बाजार के जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे नई चीनी की सप्लाई मंडियों तक पहुंचेगी, त्योहारों के बाद कीमतों पर बना दबाव कम हो सकता है और भाव में नरमी आ सकती है.
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