Sugar Price Hike: चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा एक्शन! 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट को मंजूरी, नई स्टॉक लिमिट भी लागू

त्‍यौहारी सीजन नजदीक आ रहा है और इसी बीच चीनी की बढ़ती कीमतों को लेक‍र सरकार ने बड़ा ऐलान कर द‍िया है. देश में 10 लाख टन कच्ची चीनी के लिए शुल्क मुक्त आयात की परमिशन दी गई है. जान‍िये, सरकार के इस फैसला का आपकी जेब पर क्‍या असर होगा.

Government takes major action on rising sugar prices, Approval granted for 10 lakh tonnes of duty free imports, new stock limits also imposed

10 लाख टन चीनी के आयात और जमाखोरी पर नकेल कसने के बाद उम्मीद है कि अगले कुछ ही दिनों में चीनी के खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिलेगी. इससे त्योहारों के इस सीजन में आपकी रसोई का बजट नहीं बिगड़ेगा और मिठाइयों की मिठास बरकरार रहेगी

त्योहारों का सीजन बस शुरू ही होने वाला है. राखी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दिवाली लाइन से आने वाले हैं. ऐसे में अगर आपकी पसंदीदा मिठाइयां थोड़ी महंगी हो जाएं या बजट गड़बड़ा जाए, तो स्वाद थोड़ा फीका जरूर लग सकता है. वजह है चीनी की कीमतें (Sugar Price). पिछले कुछ दिनों में चीनी के दामों में जिस तरह आग लगी है, उसने आम जनता के साथ-साथ सरकार की भी नींद उड़ा दी है.

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इसी को देखते हुए सरकार ने कीमतों पर ब्रेक लगाने के लिए दो बड़े और कड़े फैसले लिए हैं. आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और सरकार के इस फैसले से आपको क्या राहत मिलेगी!

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20 दिनों में 20 रुपये महंगी हुई चीनी

अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक क्या हो गया, जो चीनी 20 रुपये महंगी हो गई है. तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए. एक साल पहले जो चीनी थोक बाजार में लगभग 3900 रुपये प्रति क्विंटल थी, वह आज बढ़कर 5400 से 5500 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल तक पहुंच गई है. वहीं अगर खुदरा (Retail) दाम की बात करें तो जो चीनी पहले 46 रुपये प्रति किलो के आसपास मिल रही थी, उसके दाम 20 अगस्त तक 65 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को छू चुके हैं. यानी सिर्फ पिछले 20 दिनों में ही चीनी लगभग 20 रुपये महंगी हो गई.

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अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा क‍ि दाम क्‍यों बढ़ रहे हैं. दरअसल, इसकी मुख्य वजह यह है कि नए सीजन की शुरुआत से पहले बाजारों और गोदामों में चीनी का स्टॉक कम हो गया था. ड‍िमांड ज्‍यादा और सप्‍लाई कम होने के कारण दाम में इजाफा देखने को मि‍ला.

सरकार ने ल‍िया एक्शन
कीमतों को तुरंत काबू में करने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने ऐलान किया है कि देश में 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख टन कच्ची चीनी (Raw Sugar) का बिना किसी इंपोर्ट ड्यूटी (शुल्क-मुक्त) के आयात किया जाएगा.

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इससे ये फायदा होगा क‍ि जब बाहर से सस्ती चीनी भारी मात्रा में देश में आएगी, तो बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ जाएगी. सप्लाई बढ़ते ही कीमतों में आई अचानक तेजी पर लगाम लगेगी और दाम नीचे आएंगे.

जमाखोरी पर भी लगाम और नई स्टॉक लिमिट
कई बार व्यापारी और बड़े थोक उपभोक्ता चीनी को दबाकर बैठ जाते हैं, ताकि जब दाम बढ़ें तब मुनाफा कमाया जा सके. इस कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं. जो बड़ी कंपनियां, बेकरी या हलवाई एक महीने में 10 टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, वे अब अपने पास केवल 15 दिन की जरूरत के बराबर ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे. इससे पहले भी सरकार ने व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट 4000 क्विंटल तय की थी.

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त्योहारों की मिठास पर क्या पड़ेगा असर?
आगे आने वाले त्योहारों में मिठाइयों, कैंडीज और सॉफ्ट ड्रिंक्स की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. सरकार के इस कदम का सीधा मकसद यही है कि त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की कोई किल्लत न हो और आम आदमी को सही दाम पर चीनी मिलती रहे.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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