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IAS Vishal Success Story: बिहार का एक ‘गरीब’, ऐसे पलटा नसीब और क्रैक की UPSC

Success Story Of Vishal Kumar : अगर घर के हालात खराब हों तो काफी लोग अच्छे जीवन की उम्मीद ही छोड़ देते हैं और उसी को अपने जीवन का हिस्सा मानकर जीने लगते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं तो इन परिस्थितियों से लड़ते हैं और अपने लिए एक नई लाइफ चुनते हैं। ऐसा ही किया मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले विशाल कुमार ने। उन्होंने गरीबी हालातों से निकलकर USPC परीक्षा पास की।

IAS Vishal
Success Story Of IAS Vishal Kumar : लगन और मेहनत, ये वो दो चीजें हैं जिनकी बदौलत दुनिया की हर कठिन चीज पर विजय पाई जा सकती है। ऐसा ही कुछ किया बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले विशाल कुमार ने। गरीबी हालात में पले बढ़े विशाल से एक बार उनके पिता ने कहा था कि तू बड़ा आदमी बनेगा। उनकी बात सही हो गई। विशाल आज IAS हैं। उन्होंने UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा-2021 में 484वीं रैंक मिली थी। हालांकि यहां तक का सफर उनके लिए आसान नहीं रहा।

मां ने उठाई घर की जिम्मेदारी

विशाल का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता मजदूरी करते थे। साल 2008 में उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद घर चलाने की जिम्मेदारी विशाल की मां रीना देवी पर आ गई। उन्होंने बकरी और भैंस पालकर घर का खर्च चलाना शुरू किया। विशाल बताते हैं कि उनके पिता का सपना था कि मैं पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनूं। आखिर में उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा किया। [caption id="attachment_743673" align="alignnone" ] IAS Vishal[/caption]

IIT से पढ़ाई कर चुके हैं विशाल

विशाल पढ़ाई-लिखाई में काफी अच्छे रहे हैं। पिता के निधन के बाद साल 2011 में उन्होंने 12वीं में अपने जिले में टॉप किया और तय किया कि वह इंजीनियरिंग करेंगे। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने IIT में एडमिशन लेने का सोचा। इसके लिए वह पटना के आनंद कुमार के सुपर 30 कोचिंग सेंटर गए। चूंकि वह गरीब परिवार से थे और आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। ऐसे में उन्हें कोचिंग सेंटर में जगह मिल गई और IIT प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उनकी मेहनत रंग लाई और 2013 में IIT में दाखिला मिल गया।

रिलायंस में नौकरी से IAS तक

IIT से पढ़ाई करने के बाद विशाल को रिलायंस में जॉब मिल गई। इसके बाद घर की स्थिति सुधरनी शुरू हुई। सब कुछ सही चलने के बाद भी विशाल का मन नौकरी में नहीं लग रहा था। कुछ समय बाद उन्होंने जॉब छोड़ दी और कोटा (राजस्थान) में एक इंस्टीट्यूट में टीचिंग शुरू कर दी। यहीं उन्होंने सोचा कि वह UPSC की तैयारी करेंगे। इसके बाद उन्होंने कोटा में ही टीचिंग के साथ UPSC की तैयारी की और साल 2020 में पहली बार इसकी परीक्षा दी। वह मेंस एग्जाम पास नहीं कर पाए। कुछ निराश हुए। वहां उन्हें उनके गुरु गौरी शंकर प्रसाद ने उनका साथ दिया और पूरा ध्यान UPSC एग्जाम पर ही लगाने को कहा। गुरु की बात मानकर उन्होंने टीचिंग की जॉब छोड़ दी और पूरी तरह UPSC की तैयारी पर फोकस कर लिया। इसका नतीजा हुआ कि अगले ही साल यानी 2021 में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की और उन्हें देश में 484वीं रैंक मिली। यह भी पढ़ें : Success Story Of Netflix : किराये पर सीडी देने से हुई थी शुरुआत, आज घर-घर पहुंची, 23 लाख करोड़ की हुई कंपनी


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