पिछले तीन दिनों से शेयर बाजार में जो हरियाली दिख रही थी, आज उस पर ग्रहण लग गया है। मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में 1% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी जो कल 23,000 के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच गया था, आज दबाव में नजर आ रहा है। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1-1% नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि बाजार में चौतरफा बिकवाली हो रही है।

बाजार का ताजा हाल (Open Market):

सेंसेक्स (Sensex): 1.05% गिरकर 73,326.61 पर खुला।
निफ्टी (Nifty): 0.9% की गिरावट के साथ 22,771.75 के स्तर पर आ गया।

---विज्ञापन---

क्यों आई बाजार में यह अचानक गिरावट?
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे 3 मुख्य कारण हैं:

---विज्ञापन---

कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई ताजा धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने का मतलब है—देश में महंगाई बढ़ना और अर्थव्यवस्था पर दबाव।

विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। अकेले 6 अप्रैल को विदेशी निवेशकों ने ₹8,167 करोड़ के शेयर बेच डाले। हालांकि घरेलू निवेशक (DII) खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विदेशी पैसों की निकासी भारी पड़ रही है।

ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में धुआं
आज सबसे ज्यादा मार उन सेक्टरों पर पड़ी है जो तेल की कीमतों और ब्याज दरों से सीधे प्रभावित होते हैं।

निफ्टी ऑटो (Nifty Auto): करीब 1.5% टूटा।
बैंकिंग और FMCG: इन इंडेक्स में भी 1% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

IT सेक्टर ने दिखाया थोड़ा दम
भले ही पूरा बाजार लाल निशान में है, लेकिन आईटी (IT) शेयरों ने थोड़ी हिम्मत दिखाई है। निफ्टी आईटी इंडेक्स केवल 0.6% ही नीचे गिरा, जो बाकी सेक्टरों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है।