Stock Market Update: 5 द‍िन में 2200 अंक ग‍िरा सेंसेक्‍स, क्‍यों ग‍िर रहा शेयर बाजार? जानें

प‍िछले पांच सेशन में सेंसेक्‍स 2200 अंक से ज्‍यादा ग‍िर चुका है वहीं न‍िफ्टी 50 में भी 2.5 फीसदी की ग‍िरावट आई है.आज सेंसेक्‍स 600 से ज्‍यादा गिरकर 83,547 के इंट्राडे लो पर आ गया. जबकि निफ्टी 50 भी गिरकर 25,681 के इंट्राडे लो पर आ गया.

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शेयर बाजार लगातार 5वें द‍िन ग‍िरा

भारतीय शेयर बाजार के लिए ये सप्ताह काफी भारी रहा है. सेंसेक्स (Sensex) पिछले 5 सत्रों में लगभग 2,200 अंक से ज्यादा टूट चुका है, जिससे निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए हैं. अकेले गुरुवार (8 जनवरी) को सेंसेक्स में करीब 780 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. जबक‍ि आज शुक्रवार 9 जनवरी को भी सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांचवें सेशन में गिरावट जारी रही, क्योंकि विदेशी पूंजी के बाहर जाने की लगातार चिंताएं, भू-राजनीतिक तनाव और Q3 नतीजों से पहले सावधानी के कारण निवेशक जोखिम भरे शेयरों से दूर रहे.

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सेंसेक्स 600 से ज्‍यादा अंक गिरकर 83,547 के इंट्राडे लो पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी गिरकर 25,681 के इंट्राडे लो पर आ गया. BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक प्रतिशत से ज्‍यादा की गिरावट आई.

बाजार में मची इस अफरा-तफरी के पीछे 5 महत्‍वपूर्ण कारण:

डोनाल्ड ट्रंप की ‘500% टैरिफ’ वाली धमकी
बाजार गिरने का सबसे तात्कालिक और बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. क्‍योंक‍ि भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है, निवेशकों को डर है कि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर भारी शुल्क लगा सकता है, जिससे हमारे निर्यात (IT, फार्मा, टेक्सटाइल) को भारी नुकसान होगा.

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विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं. केवल जनवरी के पहले हफ्ते में ही विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं. वे भारतीय बाजार के ऊंचे वैल्युएशन (Valuation) को छोड़कर अमेरिकी बाजार में निवेश कर रहे हैं, क्योंकि वहां ट्रंप की नीतियों (MAGA) से बेहतर रिटर्न की उम्मीद की जा रही है.

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वेनेजुएला संकट और जियोपॉलिटिकल तनाव
दुनिया के दूसरे कोनों में चल रही राजनीतिक अस्थिरता ने भी बाजार को डराया है. अमेरिकी विशेष बलों द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ गया है. दूसरी ओर चीन ने जापान को किए जाने वाले कुछ निर्यातों पर प्रतिबंध लगा द‍िया है. इससे एशियाई बाजारों में सुस्ती है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है.

दिग्गज शेयरों (Heavyweights) में गिरावट
बाजार के दो सबसे बड़े स्तंभ HDFC Bank और Reliance Industries में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है. जब इन बड़े शेयरों में बिकवाली होती है, तो पूरे इंडेक्स (सेंसेक्स और निफ्टी) पर दबाव बढ़ जाता है. इसके अलावा IT और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी 3% से 5% तक की गिरावट आई है.

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घरेलू कारकों का दबाव
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तरों (84-85 रुपये के पार) की ओर जा रहा है, जिससे आयात महंगा हो रहा है. दूसरी ओर 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 से पहले निवेशक सतर्क हो गए हैं और किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए मुनाफा वसूली (Profit Booking) कर रहे हैं.

क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 25,800 – 25,600 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट है. अगर बाजार यहां संभलता है, तो रिकवरी आ सकती है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराहट में (Panic Selling) न बेचें और अच्छी क्वालिटी वाले लार्ज-कैप शेयरों में बने रहें.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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