सोमवार की सुबह-सुबह अगर आपने अपना पोर्टफोलियो (Portfolio) खोला है, तो यकीनन आपके चेहरे का रंग उड़ गया होगा! शेयर बाजार में इस समय ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने रेड सिग्नल जला दिया हो.
हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में ब्लैक मंडे जैसा माहौल बन गया. सेंसेक्स (Sensex) करीब 965 से 1000 अंक तक धड़ाम होकर 72,929 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी (Nifty) 305 अंक टूटकर 22850 के नीचे (22,835) फिसल गया.
इतना ही नहीं, यह लगातार सातवां हफ्ता (7th Consecutive Week) है जब बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है. पिछले 7 हफ्तों में निफ्टी और सेंसेक्स लगभग 6% तक टूट चुके हैं. बाजार के सभी 16 सेक्टर्स लाल निशान में रेंग रहे हैं और मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.43% तक गिर चुके हैं.
आइए, जानते हैं कि आखिर शेयर बाजार में आज अचानक ऐसा क्या ‘गदर’ मच गया कि निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए.
शेयर बाजार क्रैश होने की बड़ी वजहें
कच्चे तेल की आग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में जबरदस्त आग लगी हुई है. ब्रेंट क्रूड 2.27% उछलकर $106.7 प्रति बैरल तक पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) को खोलने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज करने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है. जब-जब कच्चा तेल महंगा होता है, भारत जैसी बड़ी तेल-आयातक अर्थव्यवस्था के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती है.
कमजोर ग्लोबल संकेत
ग्लोबल मार्केट से भी कोई अच्छी खबर नहीं आ रही है. एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का KOSPI, जापान का Nikkei 225 और चीन का SSE Composite सब लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. अमेरिकी वायदा बाजार भी सुस्ती के संकेत दे रहा है.
FIIs का सेल बटन पर हाथ
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से धड़ाधड़ पैसा निकाल रहे हैं. अकेले शुक्रवार के सेशन में ही FIIs ने 3696 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर अपना बोरिया-बिस्तर समेटा. विदेशी पैसों की इस निकासी ने बाजार की कमर तोड़ दी है.
रुपया हुआ पस्त
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 20 पैसे कमजोर होकर 95.95 के स्तर पर आ गिरा है. मिडिल ईस्ट के तनाव के चलते डॉलर दिन-ब-दिन मजबूत हो रहा है और विदेशी निवेशक अपना पैसा सुरक्षित मानकर निकाल रहे हैं.
ऊपर के लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग
शुक्रवार को जब बाजार थोड़ा सुधरा था और सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा था, तो निवेशकों ने सोमवार सुबह होते ही अपने बचे-कुचे मुनाफे को कैश कराना (Profit Booking) ज्यादा समझदारी समझा.
बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पस्त
बाजार के हेवीवेट यानी बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में भारी बिकवाली हुई है. देश के दिग्गज प्राइवेट बैंकों जैसे कि HDFC Bank में 1.8% और ICICI Bank में 1.7% की बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसने निफ्टी को नीचे खींचने में सबसे बड़ा रोल निभाया.
डर का मीटर 14% उछला
शेयर बाजार के वोलेटिलिटी इंडेक्स यानी डर के मीटर (India VIX) में 14% का उछाल आया है और यह 13.86 के स्तर पर पहुंच गया है. इंडिया विक्स का बढ़ना इस बात का इशारा है कि बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के बीच डर बहुत ज्यादा बढ़ गया है.
गिरावट के बीच भी एक चमकता सितारा
जहां पूरा बाजार खून के आंसू रो रहा था, वहीं अलकोहल ब्रांड Allied Blenders & Distillers का शेयर करीब 2% उछल गया. ब्रोकरेज फर्म Nomura ने इसे 850 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ BUY रेटिंग दी है, जिससे इसके शेयरों में तेजी देखने को मिली.
अगर आप बाजार की इस सुनामी में घबरा रहे हैं, तो सबसे पहले पैनिक सेलिंग (Panic Selling) करने से बचें. जब तक मिडिल ईस्ट संकट शांत नहीं होता और क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, बाजार में ऐसी वोलेटिलिटी बनी रह सकती है. अगर आप लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर हैं, तो अच्छी क्वालिटी वाले शेयर्स में SIP के जरिए धीरे-धीरे खरीदारी का मौका तलाश सकते हैं.