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शेयर बाजार का ग‍िरना जारी, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़; क्या मिडिल ईस्ट की जंग ले डूबेगी बाजार?

भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा. शुक्रवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मच गया. मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने निवेशकों के पसीने छुड़ा दिए हैं. सेंसेक्स और निफ्टी पिछले 15 महीनों की अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं. आइए जानते हैं बाजार में मचे इस भूचाल की 6 बड़ी वजहें और आपके पोर्टफोलियो पर इसका असर.

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शेयर बाजार में भारी ग‍िरावट

नई द‍िल्‍ली. क्या यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सुनामी की शुरुआत है? मिडिल ईस्ट के युद्ध की चिंगारी अब आपके डीमैट अकाउंट तक पहुंच चुकी है. शुक्रवार की सुबह सेंसेक्स और निफ्टी ने जो गोता लगाया है, उसने पिछले 15 महीनों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जहां $100 के पार जाता तेल और दम तोड़ता रुपया निवेशकों की नींद उड़ा रहा है, वहीं विदेशी निवेशकों की एग्जिट बटन ने बाजार में कोहराम मचा दिया है. आइए समझते हैं कि आखिर इस गिरावट की गहराई कितनी है और क्या अब संभलने का वक्त आ गया है?

आज सुबह 10:20 बजे सेंसेक्स (Sensex) 912.58 अंक (1.2%) गिरकर 75,121.84 पर आ गया. वहीं निफ्टी (Nifty) 314.85 अंक (1.33%) फिसलकर 23,324.30 पर आ गई. इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स 4.5% और निफ्टी 4.8% टूट चुके हैं. दिसंबर 2024 के बाद यह बाजार की सबसे भीषण साप्ताहिक गिरावट है.

क्यों दहल गया बाजार?

कच्चे तेल का $100 के पार जाना
ईरान द्वारा तेल टैंकरों पर हमले के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है. ब्रेंट क्रूड 100.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल मतलब, महंगाई और कंपनियों का घटता मुनाफा.

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रुपये की ऐतिहासिक गिरावट
डॉलर के मुकाबले रुपया आज 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. कमजोर रुपया आयात को और महंगा बना देता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दोहरा दबाव पड़ता है.

विदेशी निवेशकों (FIIs) की महा-बिकवाली
विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं. अकेले गुरुवार को उन्होंने 7,049 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. मार्च महीने में अब तक वे 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं.

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ग्लोबल मार्केट में पसरा सन्नाटा
अमेरिकी बाजार (Dow Jones) 700 अंक गिरकर इस साल पहली बार 47,000 के नीचे बंद हुआ. इसका असर आज एशियाई बाजारों, जापान के निक्केई और चीन के शंघाई कंपोजिट पर भी दिखा, जो भारी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं.

बैंक और ऑटो शेयर्स में सेल
आज बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मार पड़ी है. Bank Nifty 1.75% टूट गया. PNB, केनरा बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे शेयर 2.5% तक गिर गए. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के डर से ऑटो इंडेक्स भी 2% से ज्यादा लुढ़क गया.

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अमेरिकी फेड रिजर्व का डर
17 मार्च को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से निवेशक डरे हुए हैं. डर यह है कि एनर्जी संकट की वजह से अगर महंगाई बढ़ी, तो ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं, जो शेयर बाजार के लिए जहर जैसा है.

आज के लूजर्स और गेनर्स
गिरने वाले शेयर:
एलएंडटी (L&T), टाटा स्टील, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट और एचडीएफसी बैंक.

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संभलने वाले शेयर: मुश्किल वक्त में पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), आईटीसी (ITC) और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों ने मामूली बढ़त दिखाकर सहारा देने की कोशिश की.

निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता, बाजार अनचार्टेड टेरिटरी (अनिश्चितता के दौर) में रहेगा. फिलहाल बाय ऑन डिप्स (गिरावट पर खरीदारी) की जगह वेट एंड वॉच (इंतजार करें) की नीति अपनाना बेहतर हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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