नई द‍िल्‍ली. क्या यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सुनामी की शुरुआत है? मिडिल ईस्ट के युद्ध की चिंगारी अब आपके डीमैट अकाउंट तक पहुंच चुकी है. शुक्रवार की सुबह सेंसेक्स और निफ्टी ने जो गोता लगाया है, उसने पिछले 15 महीनों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जहां $100 के पार जाता तेल और दम तोड़ता रुपया निवेशकों की नींद उड़ा रहा है, वहीं विदेशी निवेशकों की एग्जिट बटन ने बाजार में कोहराम मचा दिया है. आइए समझते हैं कि आखिर इस गिरावट की गहराई कितनी है और क्या अब संभलने का वक्त आ गया है?

आज सुबह 10:20 बजे सेंसेक्स (Sensex) 912.58 अंक (1.2%) गिरकर 75,121.84 पर आ गया. वहीं निफ्टी (Nifty) 314.85 अंक (1.33%) फिसलकर 23,324.30 पर आ गई. इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स 4.5% और निफ्टी 4.8% टूट चुके हैं. दिसंबर 2024 के बाद यह बाजार की सबसे भीषण साप्ताहिक गिरावट है.

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क्यों दहल गया बाजार?

कच्चे तेल का $100 के पार जाना
ईरान द्वारा तेल टैंकरों पर हमले के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है. ब्रेंट क्रूड 100.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल मतलब, महंगाई और कंपनियों का घटता मुनाफा.

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रुपये की ऐतिहासिक गिरावट
डॉलर के मुकाबले रुपया आज 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. कमजोर रुपया आयात को और महंगा बना देता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दोहरा दबाव पड़ता है.

विदेशी निवेशकों (FIIs) की महा-बिकवाली
विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं. अकेले गुरुवार को उन्होंने 7,049 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. मार्च महीने में अब तक वे 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं.

ग्लोबल मार्केट में पसरा सन्नाटा
अमेरिकी बाजार (Dow Jones) 700 अंक गिरकर इस साल पहली बार 47,000 के नीचे बंद हुआ. इसका असर आज एशियाई बाजारों, जापान के निक्केई और चीन के शंघाई कंपोजिट पर भी दिखा, जो भारी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं.

बैंक और ऑटो शेयर्स में सेल
आज बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मार पड़ी है. Bank Nifty 1.75% टूट गया. PNB, केनरा बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे शेयर 2.5% तक गिर गए. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के डर से ऑटो इंडेक्स भी 2% से ज्यादा लुढ़क गया.

अमेरिकी फेड रिजर्व का डर
17 मार्च को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से निवेशक डरे हुए हैं. डर यह है कि एनर्जी संकट की वजह से अगर महंगाई बढ़ी, तो ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं, जो शेयर बाजार के लिए जहर जैसा है.

आज के लूजर्स और गेनर्स
गिरने वाले शेयर:
एलएंडटी (L&T), टाटा स्टील, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट और एचडीएफसी बैंक.

संभलने वाले शेयर: मुश्किल वक्त में पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), आईटीसी (ITC) और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों ने मामूली बढ़त दिखाकर सहारा देने की कोशिश की.

निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता, बाजार अनचार्टेड टेरिटरी (अनिश्चितता के दौर) में रहेगा. फिलहाल बाय ऑन डिप्स (गिरावट पर खरीदारी) की जगह वेट एंड वॉच (इंतजार करें) की नीति अपनाना बेहतर हो सकता है.