Why Indian Stock Market Fall Today: 24 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त सेल-ऑफ देखा गया और बेंचमार्क इंडेक्स में तकरीबन 10 हफ्तों में सबसे बड़ी एक-दिन की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 1.64% गिरकर 23063.10 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.67% गिरकर 1,200 से ज्यादा अंक खोकर 73,580.54 पर बंद हुआ.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से चिंता
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में नई तेजी थी. ब्रेंट क्रूड 2.4% बढ़कर लगभग 105.60 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जिससे महंगाई, आयात लागत और भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई, क्योंकि भारत कच्चे तेल के आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है.
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 23 पैसे गिरकर 95.96 पर बंद हुआ. डॉलर का मजबूत होना, तेल की ऊंची कीमतें और लगातार जियोपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी ने इंवेस्टर्स के मूड पर असर डाला.
मिडिल ईस्ट टेंशन से बढ़ा प्रेशर
जियोपॉलिटिकल तनाव ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं और बढ़ा दीं. सऊदी अधिकारियों ने मक्का सहित कई जगहों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए, क्योंकि मिसाइल या ड्रोन हमले की आशंका की खबरें थीं. बाद में सऊदी-लीडरशिप वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यमन में ईरान-समर्थित हूथी रेबल की तरफ से दागी गई 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया है. इस तनाव से ये डर पैदा हो गया कि मिडिल ईस्ट का कॉन्फ्लिक्ट तेल की सप्लाई में रुकावट डाल सकता है.
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि तेहरान अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा, जबकि सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन ने कोई और हमला किया तो संघर्ष हिंद महासागर तक फैल सकता है.
मार्केट पर रिस्क बरकरार
इंडियन मार्केट की गिरावट काफी ज्यादा थी, जिसमें सभी 16 प्रमुख सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए. स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में क्रमशः लगभग 1.5% और 2.3% की गिरावट आई. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखी गई, जो लगभग 2% और 2.4% गिरे. एनालिस्ट का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजारों के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं, जबकि 23500 के स्तर से नीचे निफ्टी का तत्काल तकनीकी आउटलुक कमजोर रह सकता है.