हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Stock Market Crash Today: शेयर बाजार में भूचाल! 1200 अंक गिरा सेंसेक्स, जानिए गिरावट के 7 बड़े कारण

शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट द‍िख रही है. सेंसेक्स 1200 अंक टूटा और निफ्टी 23,050 के करीब पहुंचा. जानिए कच्चे तेल, US बॉन्ड यील्ड समेत गिरावट की 7 बड़ी वजहें.

विज्ञापन
शेयर बाजार में आज भयंकर ग‍िरावट देखने को म‍िल रही है. (फोटो क्रेड‍िट- एआई)

अगर आपने आज शेयर बाजार में पैसे लगाए थे या अपना पोर्टफोलियो चेक किया है, तो रेड (लाल) निशान देखकर आपका दिल भी थोड़ा धक-धक जरूर हुआ होगा. गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का माहौल रहा. सेंसेक्स 1200 से ज्यादा अंक टूट गया और निफ्टी गिरकर 23,050 के करीब पहुंच गया. सिर्फ दिग्गज शेयर ही नहीं, बल्कि स्मॉलकैप और मिडकैप शेडो में भी जमकर पिटाई हुई है.

अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक बाजार को किसकी नजर लग गई? आइए, समझते हैं कि शेयर बाजार में आज मचे इस बवंडर के पीछे की 7 बड़ी वजहें क्या हैं. सेंसेक्स लगभग 1.61% यानी 1,207.92 अंक गिरकर 73,620.33 के स्तर पर ट्रेड होता दिख रहा है.वहीं निफ्टी लगभग 1.60% यानी 375.40 अंक गिरकर 23,071.40 के आसपास आ गया. मिडकैप और स्मॉलकैप की बात करें तो निफ्टी स्मॉलकैप 1.53% और मिडकैप 2.08% तक टूट गए.

शेयर बाजार में गिरावट के सबसे बड़े कारण

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड का उछाल
अमेरिका में बिजनेस एक्टिविटी उम्मीद से ज्यादा तेज हुई है. इसके चलते 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Bond Yield) 2007 के बाद के अपने उच्चतम स्तर (5.11% के पार) पर पहुँच गई है. जब अमेरिका में सुरक्षित सरकारी बॉन्ड पर ही तगड़ा ब्याज मिलने लगता है, तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका ले जाने लगते हैं.

विज्ञापन

कच्चे तेल (Crude Oil) की आग
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से खरीदता है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $102.5 प्रति बैरल के पार निकल गया है. कच्चा तेल महंगा होने का सीधा मतलब है भारत में महंगाई बढ़ना, आयात बिल का भारी होना और कंपनियों की लागत में इजाफा होना!

कमजोर ग्लोबल संकेत
अमेरिकी बाजारों में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका से वॉल स्ट्रीट पर तगड़ी बिकवाली हुई. इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा, हांगकांग का हैंगसेंग और शंघाई कंपोजिट जैसे बाजार भी लाल निशान में फिसल गए.

विज्ञापन

ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली
पिछले सत्रों में बाजार अच्छी तेजी दिखा चुका था. ऐसे में जब वैश्‍व‍िक स्तर पर तनाव और अनिश्‍च‍ितता दिखी, तो निवेशकों ने पहले अपना मुनाफा लॉक करो की नीति अपनाई और जमकर बिकवाली की.

रुपये में कमजोरी
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे फिसलकर 95.84 के स्तर पर आ गया. रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में रिटर्न कम हो जाता है.

विज्ञापन

इंडिया वीआईएक्स (India VIX) में तूफानी तेजी
बाजार का डर मापने वाला मीटर यानी India VIX 21% से ज्यादा उछलकर 12.56 पर पहुंच गया. VIX का बढ़ना इस बात का साफ इशारा है कि ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स में घबराहट बढ़ गई है और आने वाले दिनों में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

बैंकिंग और इंश्योरेंस शेयरों की धुनाई
इंश्योरेंस रेगुलेटर (IRDAI) ने एजेंटों के कमीशन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है. इसके बाद से बैंकिंग, NBFCs और इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निफ्टी को नीचे खींचने में बड़ा योगदान रहा.

विज्ञापन

आम निवेशक अब क्या करें?
बाजार में इस तरह की गिरावट देखकर पैनिक (घबराहट) में आकर कोई भी फैसला न लें. अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में यह गिरावट खरीदारी का एक मौका भी साबित हो सकती है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola