SEBI New Rules: आज 7 नवंबर से लागू हुए सेबी के नए सेटलमेंट नियम, जानें फीस और ऑनलाइन प्रक्रिया

SEBI Settlement Regulations 2026 Details: सेबी के नए सेटलमेंट विनियम आज 7 नवंबर 2026 से प्रभावी हो गए हैं. ऑनलाइन कैलकुलेटर, फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट, 90 दिनों की समय सीमा और फीस की पूरी जानकारी पढ़ें.

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शेयर बाजार विवादों के निपटारे के लिए सेबी के नए नियम लागू (फोटो - एआई)

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजार और प्रतिभूति कानूनों से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सेबी ने आधिकारिक घोषणा की है कि SEBI (प्रशासनिक और नागरिक कार्यवाही का निपटान) विनियम, 2026 आज यानी 7 नवंबर 2026 से लागू हो गए हैं. इन नए नियमों (Regulations) को 8 अक्टूबर 2026 को अधिसूचित किया गया था. इनका मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्यवाही के झंझट से बचाकर सेबी और आवेदकों के बीच मामलों का तेजी से समाधान (Settlement) निकालना है.

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ऑनलाइन पोर्टल, कैलकुलेटर और हेल्प डेस्क की सुविधा

आवेदकों को सेटलमेंट प्रक्रिया समझने और आवेदन करने में आसानी हो, इसके लिए सेबी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कई नई सुविधाएं जोड़ी हैं. जैसे क‍ि अब आवेदक डिजिटल रूप से सेटलमेंट के लिए अप्लाई कर सकते हैं. सेबी ने एक कैलकुलेटर और वीडियो जारी किया है, जिससे आवेदक खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्हें कितनी सेटलमेंट राशि (Settlement Amount) देनी होगी. आवेदकों के सवालों का जवाब देने के लिए हेल्प डेस्क और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) भी जारी किए गए हैं.

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आवेदन शुल्क और न्यूनतम सेटलमेंट राशि
नए नियमों के अनुसार सेटलमेंट के लिए आवेदन शुल्क और न्यूनतम राशि तय कर दी गई है. आम नागरिकों (Natural Persons) के लिए यह फीस 25,000 रुपये और कंपनियों या अन्य आवेदकों के लिए 35,000 रुपये तय की गई है. वहीं पहली बार आवेदन करने वालों के लिए न्यूनतम सेटलमेंट राशि 3 लाख रुपये और अन्य आवेदकों के लिए 7 लाख रुपये तय की गई है. सेटलमेंट राशि की गणना आधार राशि, मामले के चरण, कथित उल्लंघन की गंभीरता और अन्य कारकों को मिलाकर बनाए गए फॉर्मूले से की जाएगी.

आवेदन करने की समय सीमा
सेबी के समक्ष लंबित मामलों में आवेदन आमतौर पर कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) मिलने की तारीख से 90 दिनों के भीतर दाखिल किया जाना चाहिए. हालांकि, यह 90 दिनों की समय सीमा सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) या सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों पर लागू नहीं होगी.

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फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट और गोपनीयता का लाभ
10 लाख रुपये तक की सेटलमेंट राशि वाले उन मामलों में तेजी से निपटारा (Fast-Track Settlement) किया जाएगा, जिनमें कोई अवैध लाभ की वापसी (Disgorgement) या सख्त विनियामक शर्तें शामिल नहीं हैं. जो आवेदक सेबी की जांच, पड़ताल या ऑडिट में महत्वपूर्ण सहयोग देंगे, उन्हें कुछ शर्तों के साथ अपनी पहचान गोपनीय रखने का लाभ दिया जा सकता है.

किन मामलों में नहीं हो सकेगा समझौता?
सेबी ने स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर वित्तीय अपराध करने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. विलफुल डिफॉल्टर (Wilful Defaulters), धोखाधड़ी करने वाले कर्जदार और आर्थिक अपराध करके भागने वाले अपराधी इस नियम के तहत समझौता नहीं कर सकते. ऐसे मामले जिनसे पूरे शेयर बाजार की अखंडता प्रभावित होती हो या आम निवेशकों को भारी नुकसान हुआ हो, उन्हें भी सेटलमेंट के दायरे से बाहर रखा गया है.

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सेबी के ये नए सेटलमेंट नियम प्रतिभूति बाजार में पारदर्शिता और समय की बचत सुनिश्‍च‍ित करेंगे. ऑनलाइन कैलकुलेटर और फास्ट-ट्रैक निपटारे से कानूनी प्रक्रियाओं का बोझ कम होगा और बाजार के निवेशकों को भी राहत मिलेगी.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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