Rules Changing From August 1: कल से नए महीने यानी 1 अगस्त 2026 की शुरुआत हो रही है. हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी कई वित्तीय और नियम-कानून से जुड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं. 1 अगस्त से होने वाले इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब, रसोई के बजट, ट्रेन यात्रा और बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा.
अगर आप 1 अगस्त से होने वाले इन बदलावों के बारे में पहले से जान लेंगे, तो आप गैर-जरूरी खर्चों और ऐन वक्त पर होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं. आइए, जानते हैं कि 1 अगस्त से कौन-कौन से 5 बड़े नियम बदल रहे हैं.
रसोई गैस (LPG Cylinder) की कीमतों में बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (Indane, Bharat Gas, HP Gas) रसोई गैस और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दामों की घोषणा करती हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर 1 अगस्त को सिलेंडर के दाम घट या बढ़ सकते हैं. घरेलू एलपीजी की कीमतों में बदलाव से सीधा आपकी रसोई का बजट प्रभावित होगा, वहीं कमर्शियल सिलेंडर महंगा या सस्ता होने से होटल और रेस्तरां का खाना प्रभावित हो सकता है.
रेलवे तत्काल टिकट (Tatkal Booking) का नया नियम
अगर आप स्टेशन के काउंटर पर जाकर तत्काल टिकट बुक कराते हैं, तो 1 अगस्त से आपके लिए राहत की खबर है. भारतीय रेलवे काउंटर पर टोकन वितरण और तत्काल बुकिंग विंडो के समय को एक साथ सिंक (Synchronise) कर रहा है. इससे यात्रियों को पहले टोकन लेने और फिर टिकट बुकिंग के लिए लंबी लाइनों में दो-दो बार खड़ा नहीं होना पड़ेगा. बुजुर्गों और ऑनलाइन बुकिंग न करने वाले यात्रियों के लिए यह नया सिस्टम बेहद मददगार साबित होगा.
क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग नियमों में बदलाव
कई बड़े बैंक 1 अगस्त से अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स, लाउंज एक्सेस, एनुअल फीस, कैशबैक और फ्यूल सरचार्ज के नियमों में बदलाव कर सकते हैं. इसके अलावा एसएमएस अलर्ट (SMS Alerts) और डेबिट कार्ड के सर्विस चार्जेज में भी संशोधन हो सकता है. अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो अपने बैंक की ओर से आए ईमेल या मैसेज को तुरंत चेक कर लें.
ITR फाइलिंग की डेडलाइन खत्म, 1 अगस्त से लगेगी पेनल्टी
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिना लेट फीस के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख आज यानी 31 जुलाई थी. अगर आप आज अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते हैं, तो 1 अगस्त से आप बिलेटेड रिटर्न (Belated ITR) तो भर सकेंगे, लेकिन इसके लिए आपको आयकर नियमों के मुताबिक लेट फीस (Penalty) और बकाया टैक्स पर ब्याज देना होगा.
CKYC 2.0 से बैंकिंग और निवेश होगा बेहद आसान
1 अगस्त से वित्तीय संस्थान CKYC 2.0 (Central Know Your Customer) के अपग्रेडेड डिजिटल फ्रेमवर्क को तेजी से लागू करने जा रहे हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको बैंक अकाउंट खोलने, म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने या इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय बार-बार अलग-अलग केवाईसी (KYC) डॉक्यूमेंट्स जमा नहीं करने पड़ेंगे. केंद्रीय रिपॉजिटरी के जरिए आपका वेरिफिकेशन तुरंत और डिजिटल तरीके से हो जाएगा.
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