जियो (Jio) प्लेटफॉर्म्स अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रहा है. आज देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनी की इस नई शुरुआत में हिस्सेदारी से पहले, इसकी ताकत समझना भी आपके लिए जरूरी है. आंकड़ों पर नजर डालें तो जियो के पास 30 जून 2026 तक, 53.33 करोड़ ग्राहक ग्राहकों का विशाल नेटवर्क है, जिसमें अकेले 28.5 करोड़ से ज्यादा लोग जियो का सुपरफास्ट 5G इस्तेमाल कर रहे हैं. यानी देश का हर दूसरा स्मार्टफोन यूजर आज जियो के नेटवर्क से जुड़ा है.
43 फीसदी मार्केट शेयर पर Jio का राज
सिर्फ मोबाइल ही नहीं, होम ब्रॉडबैंड और जियो एयरफाइबर के जरिए भी कंपनी 43 फीसदी मार्केट शेयर के साथ देश के घरों पर राज कर रही है. जियो के लिए कारोबार बढ़ाने का रास्ता नए ग्राहक जोड़ने के साथ मौजूदा ग्राहकों को अधिक सेवाओं से जोड़ना भी है. अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 39,173 करोड़ रुपये रहा. यानी पिछले साल की समान अवधि से 11.8 प्रतिशत ज्यादा लेकिन इस कारोबार की कहानी केवल मोबाइल रिचार्ज तक सीमित नहीं है.
मोबाइल कनेक्शन के साथ कई अन्य डिजिटल सेवाएं
होम ब्रॉडबैंड, कंटेंट, क्लाउड और कारोबारी सेवाएं कंपनी के विस्तार के अलग-अलग रास्ते हैं, जब एक ग्राहक मोबाइल कनेक्शन के साथ घर का इंटरनेट और दूसरी डिजिटल सेवाएं भी लेता है, तो कंपनी के लिए उस ग्राहक से जुड़ा कारोबार बढ़ाने की संभावना बनती है. लेकिन ताकत सिर्फ ग्राहकों से नहीं, बल्कि मजबूत बैलेंस शीट और बंपर मुनाफे से तय होती है, जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड हैरान करने वाला है, वित्तीय वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का कुल रेवेन्यू 1 लाख 46 हजार 885 करोड़ रुपये रहा है, वहीं कंपनी ने 30 हजार 49 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है. सबसे खास बात ये है कि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन करीब 52 फीसदी है.
‘AI-नेटिव टेक जायंट’ बनने की राह पर Jio
आकाश अंबानी के नेतृत्व में जियो सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि एक ‘एआई-नेटिव टेक जायंट’ बनने की राह पर है. कंपनी अब अंतरिक्ष से इंटरनेट देने के लिए सैटेलाइट ब्रॉडबैंड और जियो एआई क्लाउड जैसे फ्यूचरिस्टिक बिजनेस में तेजी से कदम बढ़ा रही है. साफ है कि ये आईपीओ जियो के लिए सिर्फ शेयर बाजार में एंट्री नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े टेक इन्वेस्टर बनने की तरफ एक नया अध्याय है.