Jio नेटवर्क से जुड़े हैं 52 करोड़ से ज्यादा लोग, औसतन हर महीने 42GB से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहे यूजर्स

Reliance Jio: रिलायंस फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में काम कर रहा है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, फाउंडेशन की पहल अब तक 9.7 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है.

Akash Ambani Jio

'जियो आईपीओ' का नेतृत्व आकाश अंबानी करेंगे. (Photo: Reliance Industries Limited)

धीरुभाई अंबानी का साहसी विचार, दूरदर्शी नेतृत्व और बड़ा निवेश वाला कदम ही था कि रिलायंस ना सिर्फ खुद बढ़ी, बल्कि देश के करोड़ों परिवारों की तकदीर बदली. रिलायंस का सफर गवाह है कि कैसे कॉरपोरेट जगत का बड़ा निवेश, आम आदमी के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलता है. धीरुभाई अंबानी के साहस को ही मुकेश भाई अंबानी ने भी आगे बढ़ाया, तो लोगों का साथ भी मिला, जिसके गवाही ये आंकड़े देते हैं.

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52 करोड़ से ज्यादा Jio यूजर्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि आज 52 करोड़ से ज्यादा लोग जियो (Jio) नेटवर्क से जुड़े हैं, जिनमें से 26 करोड़ से अधिक भारतीय सुपरफास्ट 5G का इस्तेमाल कर रहे हैं. इतना ही नहीं, हर यूजर महीने में औसतन 42 GB से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन असली फायदा आंकड़ों में नहीं, जेब में है. जिस इंटरनेट के लिए कभी सैकड़ों रुपये चुकाने पड़ते थे, वो आज बेहद किफायती है. इसी सस्ते डेटा ने एक आम रेहड़ी-पटरी वाले को डिजिटल व्यापारी बना दिया और गरीब बच्चे के हाथ में ऑनलाइन स्कूल सौंप दिया.

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फायदा सिर्फ डिजिटल नहीं

देश के 20,000 से ज्यादा रिटेल स्टोर्स के जरिए रिलायंस आज सीधे किसानों और छोटे सप्लायर्स को उपभोक्ताओं से जोड़ रहा है. रिलायंस फाउंडेशन अब तक देश के 9.7 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी को छू चुका है. अब रिलायंस की अगली पीढ़ी इसी विजन को आगे बढ़ा रही है, जहां फोकस सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए रोजगार और उम्मीदों का एक नया इकोसिस्टम तैयार करना है.

डिजिटल क्रांति में सीधे मालिकाना हक का मौका

साहसी विचार, दूरदर्शी नेतृत्व की सोच के जरिए ही अंबानी परिवार का अगला पीढ़ी देश के आम नागरिकों को वेल्थ क्रिएशन यानी सीधे कमाई का सबसे बड़ा मौका देने जा रहा है. भारतीय बाजार में दस्तक देने जा रहे इतिहास के सबसे बड़े ‘जियो आईपीओ’ को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसका नेतृत्व आकाश अंबानी करेंगे. माना जा रहा है कि ‘जियो आईपीओ’ 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के संभावित प्राइस बैंड और करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन के साथ बाजार में दस्तक देने की तैयारी वाला ये आईपीओ, आम निवेशकों और रिलायंस के शेयरधारकों को देश की सबसे बड़ी डिजिटल क्रांति में सीधे मालिकाना हक और हिस्सेदारी देने की तैयारी में है.

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दूसरी ओर, रिलायंस फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में काम कर रहा है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, फाउंडेशन की पहल अब तक 9.7 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है. कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य कारोबार के साथ-साथ सामाजिक विकास में भी योगदान देना है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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