रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (Jio Platforms IPO) ने भारतीय शेयर मार्केट में नया रिकॉर्ड कायम किया है. जियो आईपीओ के लिए कुल मांग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जबकि आवेदन करने वालों की संख्या 1.38 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई. कंपनी के मुताबिक, किसी भी आईपीओ के लिए दुनिया में इससे अधिक लोगों ने आवेदन नहीं किया है. इस जबरदस्त प्रतिक्रिया ने शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित लिस्टिंग को लेकर निवेशकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं.
कंपनी ने आईपीओ के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए. इसके मुकाबले कुल 655.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. तीसरे दिन बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक आईपीओ को कुल 22.2 गुना अभिदान मिला. कंपनी का दावा है कि भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है, जिसका आकार 30,213 करोड़ रुपये रहा.
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की कैटेगरी को सबसे शानदार रिएक्शन मिला, जिसका सबस्क्रिप्शन 70.55 गुना रहा. गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी 14 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना रहा. कंपनी के कर्मचारियों की कैटेगरी को 2.93 गुना और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से को 7.6 गुना सबस्क्रिप्शन मिला. एंकर निवेशकों की कैटेगरी में भी मांग आवंटित शेयरों के मुकाबले 30 गुना से अधिक बताई गई है.
10.3 लाख करोड़ रुपये आंकी गई कंपनी की कीमत
आईपीओ के ओवेल्यूशन के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स की कुल कीमत करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 109 अरब डॉलर आंकी गई है. इस मूल्यांकन के साथ कंपनी भारतीय बाजार में आईपीओ लाने वाली अब तक की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है. लिस्टिंग से पहले ही इसका अनुमानित बाजार मूल्य देश की टॉप-5 लिस्टिंग कंपनियों के दायरे में पहुंचता है. इस आईपीओ की एक खास बात यह भी बताई गई है कि इसमें मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयर नहीं बेचे. पूरी पेशकश नए शेयर जारी करके की गई है. इससे कंपनी को आईपीओ के जरिए सीधे पूंजी जुटाने का अवसर मिला है.
लिस्टिंग पर दूसरे स्थान तक पहुंचने का अनुमान
आईपीओ की भारी मांग के आधार पर करीब 15 प्रतिशत लिस्टिंग लाभ की संभावना जताई जा रही है. अगर शेयर लिस्टिंग होने पर इस लेवल तक बढ़ता है, तो जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है. हालांकि, यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक परफॉर्मेंस लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.