रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना साबित हो सकती है. जियो का आईपीओ (Jio IPO) 10.3 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर आया है. इसके तहत 27 करोड़ नए शेयर 1,119 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए गए हैं. इतनी बड़ी वैल्यूएशन पर किसी भारतीय कंपनी का आईपीओ आना घरेलू शेयर बाजार के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है.
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध होने वाले हैं. निवेशकों की मजबूत मांग और ग्रे मार्केट प्रीमियम के संकेतों के बीच बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी के शेयर किस भाव पर कारोबार शुरू करते हैं.
लिस्टिंग के साथ बन सकता है नया रिकॉर्ड
आईपीओ के निर्धारित मूल्य 1,119 रुपये प्रति शेयर के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये आंका गया है. इस मूल्यांकन के साथ कंपनी भारत की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी बनती है. उससे आगे रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.2 लाख करोड़ रुपये, भारती एयरटेल 12.2 लाख करोड़ रुपये और एचडीएफसी बैंक 10.6 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ मौजूद हैं.
अगर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर आईपीओ मूल्य से 20 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 1,340 रुपये पर सूचीबद्ध होते हैं, तो कंपनी का बाजार पूंजीकरण 12.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में जियो प्लेटफॉर्म्स भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़कर देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है. हालांकि, वास्तविक लिस्टिंग मूल्य बाजार की मांग और कारोबार शुरू होने के समय की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.
रिलायंस ग्रुप का मूल्यांकन 27 लाख करोड़ के पार
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग का असर केवल कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा. आईपीओ मूल्यांकन के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक बैठता है. इससे मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला रिलायंस ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान कारोबारी समूह बन सकता है. 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, टाटा ग्रुप की 32 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 25.7 लाख करोड़ रुपये है. वहीं, अडानी ग्रुप की 11 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग 16.6 लाख करोड़ रुपये है.
अगर जियो के शेयर आईपीओ मूल्य से प्रीमियम पर सूचीबद्ध होते हैं, तो रिलायंस ग्रुप का कुल बाजार मूल्य 30 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकता है, ऐसा होना भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए एक और बड़ा पड़ाव होगा. हालांकि, ये सभी आंकड़े बाजार पूंजीकरण के अनुमान हैं, जिनमें शेयर कीमतों में बदलाव के साथ उतार-चढ़ाव संभव है.