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RBI MPC Meeting Result Today Live: आरबीआई ने बढ़ाया रेपो रेट, जानिए आपके होम-कार लोन EMI पर क्या पड़ेगा असर

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने MPC के रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.25% से 5.50% करने के फैसले की घोषणा की. फरवरी 2023 के बाद से MPC द्वारा रेट में की गई यह पहली बढ़ोतरी है.

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अगर आज आरबीआई ब्याज दरें बढ़ाता है, तो यह फरवरी 2023 के बाद पहला मौका होगा जब रेपो रेट में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. (Photo - PTI)

Live Updates

10:31 (IST) 07 Oct 2026

बैंकों के पास पैसे की स्थिति पर क्या बोले RBI गवर्नर?

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश के बैंकिंग सिस्टम में मौजूद नकदी (Liquidity) का हाल बताया. पिछली बैठक के बाद से बैंकों के पास औसतन 5.9 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस (अतिरिक्त पैसा) मौजूद था. एडवांस टैक्स जमा होने और आरबीआई द्वारा पैसे सोखने के उपायों के बाद सितंबर में यह अतिरिक्त पैसा थोड़ा कम हुआ. बैंकिंग सिस्टम में ज्यादा पैसा होने के कारण अंतर-बैंक कॉल मनी रेट (Weighted Average Call Rate) निचले स्तर पर बना रहा.

10:27 (IST) 07 Oct 2026

महंगाई पर RBI का अलर्ट: 5.2% रह सकती है दर

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर (CPI Inflation) का अनुमान बढ़ाकर 5.2% कर दिया है. 

 

महंगाई बढ़ने के मुख्य कारण:

कमजोर दक्षिण-पश्‍च‍िम मानसून

अल नीनो (El Nino) का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव

 

तिमाही-दर-तिमाही महंगाई का अनुमान:

Q2 (दूसरी तिमाही): 4.9%

Q3 (तीसरी तिमाही): 6.0%

Q4 (चौथी तिमाही): 5.7%

 

सप्लाई से जुड़ी इन चुनौतियों के कारण आने वाले दिनों में आम जनता पर महंगाई का दबाव बना रह सकता है. 

10:25 (IST) 07 Oct 2026

भारत की तरक्की पर RBI की बड़ी खुशखबरी

 

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश की आर्थिक विकास दर (GDP Growth Forecast) का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. 

 

तिमाही-दर-तिमाही GDP ग्रोथ का अनुमान:

Q2 (दूसरी तिमाही): 7.2%

Q3 (तीसरी तिमाही): 6.9%

Q4 (चौथी तिमाही): 6.8%

अगले साल की Q1: 7.1%

 

आरबीआई के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों और महंगाई के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधियां बेहद मजबूत हैं और अर्थव्यवस्था सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. 

10:24 (IST) 07 Oct 2026

देश की आर्थिक सेहत पर क्या बोले RBI गवर्नर?

 

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है.  मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों में ही बढ़ोतरी जारी है, हालांकि रफ्तार पहले से थोड़ी धीमी हुई है. लोगों का रोजमर्रा का खर्च और बाजार में निवेश मजबूत बना हुआ है. रोजमर्रा के सामानों (Non-Durable Goods) और घरेलू हवाई यात्रा में हल्की सुस्ती दिखी है, लेकिन भारत का एक्सपोर्ट (जुलाई-अगस्त में) दोहरे अंकों में बढ़ा है.

10:20 (IST) 07 Oct 2026

महंगाई से निपटने के लिए RBI की कड़ी लड़ाई

 

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा क‍ि यह ध्यान में रखना होगा कि सेकंड-राउंड इफेक्ट यानी महंगाई का असर आगे भी बने रहना और सप्लाई-साइड के दबावों जैसे क‍ि एनर्जी और दूसरे इनपुट की प्रोडक्शन कॉस्ट में बढ़ोतरी के इनडायरेक्ट असर के बीच फर्क करना मुश्किल है, क्योंकि ये दोनों ही कोर इन्फ्लेशन और डिफ्यूजन इंडेक्स जैसे इंडिकेटर्स में मौजूद होते हैं. हालांकि महंगाई की उम्मीदें बढ़ने और महंगाई के व्यापक होने के कुछ सबूत तो हैं, लेकिन सप्लाई-साइड के दबावों के प्राइसिंग बिहेवियर यानी कीमतें तय करने के तरीके में शामिल होने के संकेत सीमित हैं. 

10:07 (IST) 07 Oct 2026

रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​की अध्यक्षता वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने मुख्य रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करके इसे 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है. रेपो रेट वह दर है जिस पर सेंट्रल बैंक बैंकों को लोन देता है. रेपो रेट में बढ़ोतरी से लोन देने की लागत बढ़ जाती है, जिसका मतलब है कि आपके लोन पर ब्याज दर बढ़ जाती है और इससे EMI में भी बढ़ोतरी हो सकती है. 

10:00 (IST) 07 Oct 2026

पॉलिसी से पहले शेयर बाजार में गिरावट

आज सुबह 10:00 बजे RBI की MPC के फैसले से पहले, इक्विटी बेंचमार्क निफ्टी 50 और BSE सेंसेक्स गिरावट के साथ खुले. सुबह 9:21 बजे, निफ्टी 50 164 अंक या 0.72% की गिरावट के साथ 22,612.55 पर ट्रेड कर रहा था. BSE सेंसेक्स 456 अंक या 0.62% की गिरावट के साथ 72,611.58 पर था. 

09:29 (IST) 07 Oct 2026

गोल्डमैन सैक्स का बड़ा दावा: फिर महंगी हो सकती है लोन की EMI

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले दिनों में आम जनता को बड़ा झटका दे सकता है. रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर 2026 में रेपो रेट (Repo Rate) में 0.25%-0.25% (कुल 0.50%) की बढ़ोतरी कर सकता है. 

 

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, आरबीआई की पिछली एमपीसी (MPC) बैठक के मिनट्स से संकेत मिलते हैं कि खाद्य पदार्थों और ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई (Inflation) का दबाव काफी बढ़ गया है.  अगर यह महंगाई लगातार बनी रहती है, तो इसे काबू में करने के लिए रिजर्व बैंक को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे.  अगर ऐसा होता है, तो बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा और इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा- आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI महंगी हो जाएगी. 

08:50 (IST) 07 Oct 2026

रेपो रेट बढ़ा तो रियल एस्टेट पर कितना पड़ेगा असर? जानें घर खरीदने वालों पर क्या होगा असर

 

 

काउंटी ग्रुप के निदेशक अमित मोदी के अनुसार, त्योहारी मौसम में ब्याज दरों का स्थिर रहना घर खरीदने वालों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण होता है. अगर रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होती है तो इससे होम लोन की ईएमआई बढ़ सकती है. इसका असर खास तौर पर पहली बार घर खरीदने वाले और कीमत को लेकर अधिक संवेदनशील लोगों पर पड़ सकता है. 

 

कुशाग्र अंसल, डायरेक्टर, अंसल हाउसिंग ने कहा क‍ि रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर होम लोन की लागत पर पड़ता है. इससे खरीदार की ईएमआई बढ़ सकती है और कुछ लोग घर खरीदने का फैसला कुछ समय के लिए टाल सकते हैं. लेकिन अगर बढ़ोतरी सीमित रहती है तो इसका असर पूरे रियल एस्टेट बाजार पर बहुत अधिक नहीं होगा. जिन बाजारों में घरों की मांग मजबूत है, वहां खरीदार मामूली बढ़ोतरी के बावजूद खरीदारी जारी रख सकते हैं. 

 

मिगसन ग्रुप के निदेशक यश मिगलानी ने कहा क‍ि ब्याज दर रियल एस्टेट में मांग को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है, लेकिन यह अकेला कारक नहीं है. आज खरीदार बेहतर स्थान, अच्छी कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाओं और भरोसेमंद डेवलपर को भी महत्व दे रहे हैं. इसलिए रेपो रेट में सीमित बढ़ोतरी से बाजार की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है, लेकिन मांग में बड़ी गिरावट जरूरी नहीं है. 

 

08:47 (IST) 07 Oct 2026

रियल एस्टेट सेक्टर की क्या उम्मीदें हैं?

 

एसेट्स (Assetz) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुनील पारेक ने कहा कि स्थिर ब्याज दरें रेजिडेंशियल रियल एस्टेट के लिए फायदेमंद होंगी और घर खरीदारों का भरोसा बढ़ा सकती हैं, खासकर त्योहारों का मौसम आने वाला है. पारेक ने कहा क‍ि एक ऐसी संतुलित मॉनेटरी पॉलिसी जो घर खरीदने की लागत को बहुत ज्‍यादा बढ़ाए बिना महंगाई को काबू में रखे, रेजिडेंशियल सेक्टर के लिए सबसे अच्छा नतीजा होगा. 

08:22 (IST) 07 Oct 2026

रेपो रेट बढ़ती है, तो लोन महंगे हो सकते हैं

50 लाख के लोन पर ईएमआई करीब 817 रुपये तक बढ़ सकती है. कार लोन EMI की बात करें तो 10 लाख के लोन पर ईएमआई लगभग 121 रुपये बढ़ सकती है. 

 

07:26 (IST) 07 Oct 2026

नीलकंठ मिश्रा को 25-bps की बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन यह रेट बढ़ाने के दौर की शुरुआत नहीं होगी

वर्ल्ड बैंक के नीलकंठ मिश्रा का मानना ​​है कि RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है, लेकिन वे इसे रेट बढ़ाने के दौर की शुरुआत नहीं मानते हैं. नीलकंठ मिश्रा ने कहा क‍ि मुझे लगता है कि शायद 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है. लेकिन मैं इसे रेट बढ़ाने के दौर की शुरुआत के तौर पर नहीं देखता. 

 

07:11 (IST) 07 Oct 2026

RBI के रेट साइज का फैसला तेल की कीमतें, ग्लोबल रेट्स और मॉनसून करेंगे

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक, रेट साइज़ तेल की कीमतों, ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी और मॉनसून के हालात पर निर्भर करेगा. बैंक का अनुमान है कि अगर जियोपॉलिटिकल तनाव कम होता है, तो दरों में बढ़ोतरी 50-75 बेसिस पॉइंट्स तक सीमित रह सकती है, जबकि तेल की कीमतों में लंबे समय तक उछाल रहने पर यह साइज 100-125 बेसिस पॉइंट्स तक जा सकता है. 

06:56 (IST) 07 Oct 2026

RBI 25 bps की बढ़ोतरी करेगा और FY27 तक कुल 75-bps की बढ़ोतरी का दौर चलेगा - यूनियन बैंक

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को उम्मीद है कि MPC मौजूदा समीक्षा में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर देगी और धीरे-धीरे सख्ती (कैलिब्रेटेड टाइटनिंग) की ओर बढ़ेगी. बैंक ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा क‍ि हमें लगता है कि अक्टूबर में MPC रेट-हाइक (ब्याज दर बढ़ाने) का दौर शुरू करेगी, जिसमें हमारा बेसलाइन अनुमान 75 bps का है और FY27 के आखिर तक रेपो रेट 6% तक पहुंच जाएगा. 

06:52 (IST) 07 Oct 2026

आने वाले महीनों में महंगाई 6% से ऊपर जा सकती है

बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस के अनुसार अगस्त के बाद से आर्थिक हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है. उस समय MPC ने आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने की उम्मीद के बावजूद इंतजार करने का फैसला किया था. महंगाई का ताजा सरकारी आंकड़ा 4.8 प्रतिशत है, जबकि मदन सबनवीस को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में महंगाई 6 प्रतिशत से ऊपर चली जाएगी.

06:43 (IST) 07 Oct 2026

क्‍या RBI ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला दिसंबर तक टाल सकता है?

कुछ अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि RBI मौजूदा पॉलिसी रिव्यू में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और दिसंबर से दरें बढ़ाना शुरू करेगा. दरें बढ़ाने से पहले सेंट्रल बैंक महंगाई, खरीफ की फसल और सरप्लस लिक्विडिटी (अतिरिक्त नकदी) के असर के बारे में और साफ जानकारी का इंतजार कर सकता है. 

06:43 (IST) 07 Oct 2026

RBI MPC का ब्याज दरों पर फैसला आज सुबह 10 बजे; बढ़ोतरी होगी या दरें स्थिर रहेंगी

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​आज सुबह 10 बजे मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) के ब्याज दरों से जुड़े फैसले की घोषणा करेंगे. अभी भी सस्पेंस बना हुआ है कि सेंट्रल बैंक रेपो रेट को स्थिर रखेगा या उसमें बढ़ोतरी की घोषणा करेगा. अगर RBI आज रेपो रेट बढ़ाता है, तो यह फरवरी 2023 के बाद दरों में पहली बढ़ोतरी होगी, जब MPC ने आखिरी बार बेंचमार्क रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी. 

06:36 (IST) 07 Oct 2026

लिक्विडिटी और बाजार के हालात टाइट पॉलिसी की मांग कर रहे हैं: ICICI बैंक

बैंकिंग और वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार आरबीआई का रुख कड़ा हो सकता है. ICICI बैंक के अनुसार, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह के आर्थिक बदलाव हो रहे हैं, वे नीतिगत सख्ती (Policy Tightening) का संकेत दे रहे हैं. विदेशी मुद्रा के भारी प्रवाह (Foreign Currency Inflows) के कारण बाजार में सिस्टम लिक्विडिटी तेजी से बढ़ी है, जिसे सोखने (Absorption) के लिए सख्त कदमों की जरूरत है. ICICI बैंक को उम्मीद है कि आरबीआई इसके लिए ओपन मार्केट ऑपरेशन्स (OMO) और फॉरेक्स टूल्स का इस्तेमाल जारी रखेगा.

 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की महत्वपूर्ण बैठक का फैसला हो गया है. आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) इस नीतिगत फैसले की घोषणा कर दी है. आरबीआई ने रेपो रेट में 25 bps की बढ़ोतरी की है.

रेपो रेट (Repo Rate) क्या होता है और आम इंसान पर इसका क्या असर पड़ता है?
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक देश के व्यावसायिक बैंकों जैसे क‍ि SBI, HDFC, ICICI को कर्ज देता है. अगर रेपो रेट बढ़ता है (Rate Hike): बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना महंगा हो जाता है. इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है क्योंकि बैंक होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं, जिससे आपकी लोन की EMI महंगी हो जाती है. अगर रेपो रेट स्थिर रहता है (Rate Hold) तो आपकी मौजूदा लोन EMI में कोई तुरंत बदलाव नहीं होगा और ब्याज दरें यथावत बनी रहेंगी.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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